भाजपा ने कहा—राजनीतिक विरोध मुद्दों तक सीमित रहे, दिवंगत परिजनों और आस्था को निशाना बनाना उचित नहीं
हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्वर्गीय पिता के श्राद्ध को लेकर कांग्रेस की ओर से की गई कथित टिप्पणी और कोटद्वार में व्यापारी से अभद्रता, मारपीट व धमकी के आरोप में मोहम्मद दीपक की गिरफ्तारी को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। भाजपा नेताओं ने कहा कि राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन विरोध के नाम पर दिवंगत परिजनों, धार्मिक आस्था और सनातन परंपराओं को निशाना बनाना राजनीतिक मर्यादा के अनुरूप नहीं है। मुख्यमंत्री धामी ने हाल ही में अपने पिता शेर सिंह धामी का विधि-विधान से श्राद्ध और तर्पण किया था।

भाजपा नेताओं ने कहा कि श्राद्ध सनातन परंपरा में दिवंगत पूर्वजों के प्रति श्रद्धा, स्मरण और तर्पण का पवित्र संस्कार है। किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत धार्मिक आस्था और पारिवारिक संस्कारों पर राजनीतिक टिप्पणी करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि राजनीतिक मतभेदों को परिवार और धार्मिक परंपराओं तक ले जाने की आवश्यकता क्यों पड़ रही है।
भाजपा ने कांग्रेस की कथित ‘मोहब्बत की दुकान’ की राजनीति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि राजनीतिक विरोधियों के माता-पिता और परिवार को लेकर टिप्पणी करना किस प्रकार की राजनीतिक संस्कृति है, यह कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए। भाजपा नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में विचारों और नीतियों पर तीखी बहस हो सकती है, लेकिन व्यक्तिगत और पारिवारिक विषयों पर मर्यादा बनाए रखना सभी दलों की जिम्मेदारी है।

मोहम्मद दीपक प्रकरण पर कांग्रेस से मांगा रुख
भाजपा नेताओं ने कोटद्वार में मोहम्मद दीपक की गिरफ्तारी को लेकर भी कांग्रेस से स्पष्ट रुख रखने की मांग की। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, एक व्यापारी की शिकायत के बाद दीपक कुमार के खिलाफ अभद्रता, मारपीट और धमकी के आरोपों में कार्रवाई की गई तथा पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था। बाद में उन्हें जमानत मिलने की भी रिपोर्ट सामने आई है।
भाजपा ने सवाल उठाया कि यदि राजनीतिक रूप से किसी व्यक्ति से नजदीकी या सार्वजनिक संपर्क रहा है तो उसके खिलाफ लगे आरोपों के बाद कांग्रेस का आधिकारिक रुख क्या है। भाजपा नेताओं ने पूछा कि जिस व्यापारी ने शिकायत की, उसके पक्ष को जानने और उससे मिलने के लिए कांग्रेस के नेता आगे क्यों नहीं आए। उनका कहना है कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और किसी भी मामले में फैसला राजनीतिक पहचान के आधार पर नहीं, बल्कि तथ्यों और कानून के आधार पर होना चाहिए।
भाजपा ने यह भी कहा कि कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि वह गुंडागर्दी, धमकी और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों को लेकर क्या नीति रखती है। नेताओं ने 2017 में कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित द्वारा तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत के लिए ‘सड़क का गुंडा’ शब्द इस्तेमाल किए जाने की घटना का भी उल्लेख किया, हालांकि बाद में दीक्षित ने माफी मांगी थी।
भाजपा नेताओं ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के वीर सपूत एवं राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल जैसे व्यक्तित्वों पर राजनीतिक टिप्पणी करने और दूसरी ओर विवादों में आए व्यक्तियों के साथ राजनीतिक संपर्क को लेकर कांग्रेस को अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट करनी चाहिए।
‘सेवा, सुशासन और संस्कार’ भाजपा की प्राथमिकता
भाजपा नेताओं ने कहा कि भाजपा की राजनीति सेवा, सुशासन और संस्कार के मूल भाव पर आधारित है। राजनीतिक संघर्ष जनता से जुड़े मुद्दों, विकास, युवाओं के अवसर, मातृशक्ति के सशक्तीकरण और उत्तराखंड के हितों पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र में राजनीतिक दलों के बीच मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन व्यक्तिगत कटुता, दिवंगत परिजनों पर टिप्पणी और धार्मिक आस्थाओं को विवाद का विषय बनाना लोकतांत्रिक संवाद की मर्यादा को कमजोर करता है।
भाजपा ने कांग्रेस से मांग की कि वह मुख्यमंत्री के स्वर्गीय पिता के श्राद्ध पर की गई टिप्पणी तथा मोहम्मद दीपक प्रकरण पर अपना स्पष्ट और सार्वजनिक पक्ष रखे। भाजपा नेताओं ने कहा कि उत्तराखंड की सामाजिक परंपरा आपसी सम्मान, सद्भाव और मर्यादा की रही है और राजनीतिक दलों को भी इसी भावना के अनुरूप संवाद करना चाहिए।













