हरिद्वार (कमल शर्मा)। आध्यात्मिक गुरु एवं उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के 75वें जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में ऋषिकुल मैदान में आयोजित दो दिवसीय भव्य समारोह का रविवार को शुभारंभ हुआ। विशाल पंडाल में आयोजित कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं और अनुयायियों की उपस्थिति ने आयोजन को भव्य स्वरूप प्रदान किया। पंडाल में सतपाल महाराज के पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान संगीतमयी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुतियों के माध्यम से उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति की झलक देखने को मिली।
श्रद्धालुओं को आशीर्वचन प्रदान करते हुए सतपाल महाराज ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में हरिद्वार का विशेष आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व है। मां गंगा संपूर्ण संसार को निर्मलता, पवित्रता और पावनता का संदेश देती हैं। गंगा के आदर्शों से प्रेरणा लेकर सभी को जाति-पाति के भेदभाव को भुलाकर देश और संसार के कल्याण के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अध्यात्म के मार्ग पर चलते हुए चरित्र निर्माण करना अत्यंत आवश्यक है। भारतीय मनीषियों ने सदैव संसार को मानवता, सेवा और सदाचार का मार्ग दिखाया है। अध्यात्म के माध्यम से ही व्यक्ति के जीवन में नैतिक मूल्यों का विकास होता है और चरित्र मजबूत बनता है। धर्म एवं अध्यात्म के मार्ग पर आगे बढ़ते हुए भारतभूमि को समृद्ध, सशक्त और खुशहाल बनाने की दिशा में सभी को अपना योगदान देना चाहिए।
सतपाल महाराज ने श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन करते हुए भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और राष्ट्रीय मूल्यों के संरक्षण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि गंगा की पवित्रता, निर्मलता और अविरलता करोड़ों श्रद्धालुओं को हरिद्वार की ओर आकर्षित करती है। देवभूमि उत्तराखंड की शांति, मर्यादा और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को अक्षुण्ण बनाए रखने में सभी को सहयोग करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और देश की गौरवशाली परंपराओं का सम्मान करते हुए समाज में सद्भाव, सेवा और आध्यात्मिक चेतना का प्रसार करना समय की आवश्यकता है। श्रद्धालुओं को मानव कल्याण के कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए।
समारोह में सतपाल महाराज की धर्मपत्नी अमृता रावत, उनके पुत्र सुयश महाराज एवं श्रद्धेय महाराज, पुत्रवधू आराध्या रावत एवं मोहिना कुमारी, टीवा राजघराने से पुष्पराज भूदेव, नागिनी सिंह, विधायक दिव्य राजख्सिंह, गढ़वाल कमिश्नर आज़ब बर्तवाल, पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल सहित हजारों श्रद्धालु एवं भक्तजन मौजूद रहे।













