हरिद्वार (कमल शर्मा)। श्री हरमिलाप भवन, हरिद्वार में आयोजित तीन दिवसीय 119वें वार्षिक यज्ञोत्सव का रविवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ भव्य समापन हुआ। समापन दिवस पर बड़ी संख्या में गुरुभक्तों और श्रद्धालुओं ने सत्संग, गुरु महिमा और सेवा भाव का लाभ उठाकर अपने जीवन को धन्य बनाया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः श्री रामायण जी एवं श्री गुरुगाथा जी के पाठ के भोग के साथ हुआ। इसके उपरांत श्री गुवाल भगत जी की वार एवं श्री गुरुदेव चालीसा का भावपूर्ण पाठ किया गया। संत-महापुरुषों ने अपने प्रेरक सत्संग में गुरु भक्ति, सेवा, प्रेम, सदाचार और मानव कल्याण का संदेश देते हुए कहा कि सत्संग मनुष्य के जीवन को नई दिशा और आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करता है।
दोपहर में आयोजित ब्रह्मभोज एवं अमृतमय भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे परिसर में श्रद्धा, सेवा और भक्ति का वातावरण बना रहा। गुरुभक्तों ने तन-मन से सेवा कर आयोजन को सफल बनाया।
तीन दिनों तक चले इस यज्ञोत्सव में योग साधना, रामायण एवं गुरुगाथा पाठ, स्वास्थ्य जागरूकता संगोष्ठी, रक्तदान शिविर, भजन संध्या, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां तथा संतों के सत्संग ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक और सामाजिक संदेश दिए।
आयोजकों ने सभी संत-महापुरुषों, अतिथियों, सेवादारों, सहयोगियों एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गुरु महाराज की कृपा और सभी के सहयोग से 119वां वार्षिक यज्ञोत्सव सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। समापन अवसर पर श्रद्धालुओं ने गुरु चरणों में शीश नवाकर समाज में प्रेम, सेवा और मानवता का संदेश फैलाने का संकल्प लिया।
हरमिलाप भवन के119वें वार्षिक यज्ञोत्सव का भव्य समापन, सत्संग, ब्रह्मभोज और अमृतमय भंडारे में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब





