दूसरों के खून से बचती है अपनों की जान, तभी समझ आता है रक्तदान का असली महत्व: प्रशांत अरोड़ा

रक्तदान महादान, किसी अपने की जान बचाने का बनता है सहारा

हरिद्वार। रक्तदान को जीवनदान के रूप में बढ़ावा देने एवं श्री प्रशांत अरोड़ा ने अपनी माता जी स्वर्गीय श्रीमती पुष्पा रानी जी की पांचवीं पुण्यतिथि के अवसर पर, 13 सितंबर 2026 को ज्वालापुर स्थित भाईचारा रेस्टोरेंट में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर सुबह 9:30 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक आयोजित हुआ, जिसमें लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेकर रक्तदान के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई।
शिविर का आयोजन भाईचारा रेस्टोरेंट एवं ब्लड वॉलंटियर्स, हरिद्वार के संयुक्त प्रयास से किया गया। आयोजकों ने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर रक्तदान करने की अपील की।
इस अवसर पर प्रशांत अरोरा ने कहा कि रक्तदान केवल एक सामाजिक सेवा नहीं, बल्कि किसी जरूरतमंद के जीवन को बचाने का माध्यम है। उन्होंने कहा, “जब किसी दूसरे के खून से किसी अपने की जान बचती है, तब समझ आता है कि रक्तदान का महत्व क्या होता है। हमारा दिया हुआ रक्त किसी अनजान परिवार के लिए उम्मीद की किरण बन सकता है। इसलिए स्वस्थ लोगों को आगे आकर नियमित रक्तदान करना चाहिए।”
उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से रक्तदान के लिए आगे आने का आह्वान करते हुए कहा कि समाज में रक्त की आवश्यकता कभी भी किसी को पड़ सकती है और ऐसे समय में रक्तदाता ही किसी परिवार के लिए सबसे बड़ा सहारा बनता है।
शिविर भाईचारा रेस्टोरेंट, निकट रेलवे चौकी, ज्वालापुर में आयोजित किया गया। आयोजकों ने रक्तदाताओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि एक यूनिट रक्त कई जरूरतमंदों के जीवन में उम्मीद जगा सकता है।

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