अध्यक्ष रेनू अरोरा बोलीं—एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद को दे सकती है जीवन की नई उम्मीद
हरिद्वार(कमल शर्मा)शिक्षक दिवस के अवसर पर वसुधैव कुटुम्बकम् फाउंडेशन (रजि.), हरिद्वार एवं ब्लड वॉलंटियर्स हरिद्वार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में मानवता और सेवा की अनूठी मिसाल देखने को मिली। होटल मधुबन, रानीपुर मोड़ हरिद्वार में रविवार, 6 सितम्बर 2026 को आयोजित शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान कर जरूरतमंदों के लिए जीवनदान का संकल्प लिया।

“जीते जी रक्तदान, जाने के बाद नेत्रदान” के प्रेरणादायी संदेश के साथ आयोजित इस शिविर में कुल 175 लोगों ने पंजीकरण कराया। रक्तदान शिविर में जॉली ग्रांट ब्लड बैंक द्वारा 104 यूनिट तथा संजीवनी ब्लड बैंक द्वारा 12 यूनिट रक्त एकत्र किया गया। इस प्रकार शिविर में कुल 116 यूनिट रक्तदान हुआ।

वसुधैव कुटुम्बकम् फाउंडेशन की अध्यक्ष रेनू अरोरा ने रक्तदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा मानवीय कार्य है। उन्होंने कहा, “रक्त का कोई विकल्प नहीं है और एक रक्तदाता द्वारा दिया गया रक्त किसी गंभीर रूप से बीमार अथवा दुर्घटना में घायल व्यक्ति को नया जीवन दे सकता है। हमें नियमित रूप से रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए और समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलानी चाहिए।”

रेनू अरोरा ने कहा कि शिविर की सफलता का श्रेय उन सभी रक्तदाताओं, आयोजकों, सहयोगियों और टीम के सदस्यों को जाता है, जिन्होंने निःस्वार्थ भाव से इस सेवा कार्य को सफल बनाया। उन्होंने कहा कि 116 यूनिट रक्त का संग्रह केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि 116 जरूरतमंद परिवारों के लिए उम्मीद की किरण है।

उन्होंने कहा कि वसुधैव कुटुम्बकम् फाउंडेशन और ब्लड वॉलंटियर्स हरिद्वार भविष्य में भी इसी प्रकार के जनसेवा और मानव कल्याण के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाते रहेंगे।
आयोजकों ने शिविर को सफल बनाने वाले सभी रक्तदाताओं, सहयोगियों एवं पूरी टीम का हृदय की गहराइयों से धन्यवाद एवं कोटि-कोटि आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आपके इस निःस्वार्थ प्रयास से किसी जरूरतमंद को जीवन की नई उम्मीद मिलेगी।
साभार : वसुधैव कुटुम्बकम् फाउंडेशन, हरिद्वार एवं ब्लड वॉलंटियर्स हरिद्वार













