हरिद्वार,(कमल शर्मा)6 सितम्बर। आधुनिक दौर में कंप्यूटर एवं तकनीकी शिक्षा युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और रोजगार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। तकनीकी रूप से सक्षम युवा ही आने वाले समय की चुनौतियों का बेहतर ढंग से सामना कर सकते हैं। यह बात कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने शील इंस्टिट्यूट की रानीपुर शाखा के उद्घाटन अवसर पर कही।

कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने संस्थान द्वारा युवाओं को आधुनिक कंप्यूटर शिक्षा एवं रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आज तकनीक जीवन के हर क्षेत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। ऐसे में कंप्यूटर और तकनीकी शिक्षा विद्यार्थियों को अपने भविष्य के लिए बेहतर तरीके से तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने शील इंस्टिट्यूट की नई शाखा के शुभारंभ पर संस्थान के डायरेक्टर विभास सिन्हा को शुभकामनाएं देते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम में रानीपुर विधायक आदेश चौहान भी शामिल हुए। उन्होंने संस्थान में विभिन्न कोर्स कर रहे छात्र-छात्राओं से मुलाकात की और उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद दिया। आदेश चौहान ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। शील इंस्टिट्यूट इस दिशा में सराहनीय कार्य करते हुए युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान कर रहा है।

भाजपा नेता डा. विशाल गर्ग ने कहा कि तकनीकी युग में कंप्यूटर शिक्षा प्रत्येक छात्र के लिए आवश्यक हो गई है। छात्र-छात्राओं को आधुनिक कंप्यूटर शिक्षा उपलब्ध कराने में शील इंस्टिट्यूट महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
इस अवसर पर कांग्रेस नेता एवं पूर्व राज्यमंत्री डा. संजय पालीवाल, व्यापारी नेता राजीव पाराशर, मृदुल कौशिक, क्षेत्रीय पार्षद विवेक भूषण विक्की तथा एससी आयोग के सदस्य मनोज गौतम ने शील इंस्टिट्यूट के डायरेक्टर विभास सिन्हा को नई शाखा के शुभारंभ पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं तथा संस्थान की सफलता की कामना की।

कार्यक्रम को सांस्कृतिक रंग देते हुए गायक गोपाल भटनागर ने मधुर संगीत के साथ गीतों की शानदार प्रस्तुति देकर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
इस अवसर पर प्रवीण तिवारी, हिमांशु माहेश्वरी, गौरव सेठी, गगन शर्मा, रजत शर्मा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, व्यापारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।













