हरिद्वार(कमल शर्मा)22 अगस्त। भाईचारे, शांति, सामाजिक एकता और गंगा आराधना का प्रतीक 116वां श्री मुलतान जोत महोत्सव रविवार, 23 अगस्त को हरिद्वार में श्रद्धा और भव्यता के साथ आयोजित किया जाएगा। महोत्सव को लेकर दिल्ली सहित देश के विभिन्न प्रांतों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। हजारों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंच चुके हैं, जबकि पानीपत, करनाल, सोनीपत सहित विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालुओं के जत्थे पहले ही धर्मनगरी में डेरा डाल चुके हैं। आयोजकों का दावा है कि इस बार महोत्सव में लाखों श्रद्धालु शामिल होकर गंगा मैया को पवित्र ज्योत अर्पित करेंगे।
श्री मुल्तान जोत सभा के अध्यक्ष ओमप्रकाश अरोड़ा, चेयरमैन रतनदेव चावला तथा अखिल भारतीय मुलतान संगठन के अध्यक्ष डॉ. महेन्द्र नागपाल, महामंत्री जे.आर. अरोड़ा और कोषाध्यक्ष सतपाल अरोड़ा ने संयुक्त वक्तव्य जारी कर बताया कि महोत्सव के दौरान भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम, हवन-यज्ञ, सुंदरकांड पाठ, सत्संग, भंडारे और अन्य धार्मिक आयोजन होंगे। आधुनिक तकनीक से तैयार आकर्षक विद्युत जोतें महोत्सव की भव्यता में चार चांद लगाएंगी।
गंगा मैया को अर्पित होगी पवित्र ज्योत
महोत्सव का मुख्य आकर्षण गंगा पूजन, दुग्धाभिषेक और गंगा मैया को विशेष ज्योत अर्पित करना होगा। श्रद्धालु गंगा में छोटी-छोटी पवित्र ज्योत प्रवाहित कर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना करेंगे। इस दौरान दूध की होली भी खेली जाएगी। श्रद्धालु पिचकारियों में दूध भरकर एक-दूसरे के साथ होली खेलेंगे।
आयोजकों ने कहा कि यह आयोजन अब केवल मुलतान समाज तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सभी वर्गों की सहभागिता वाला विशाल धार्मिक एवं सामाजिक उत्सव बन चुका है। देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले श्रद्धालु गंगा स्नान, पूजा-अर्चना और ज्योत प्रवाह के माध्यम से शांति, सुख-समृद्धि और विश्व कल्याण की कामना करेंगे।
कई प्रमुख हस्तियां होंगी शामिल
महोत्सव में पूर्व राज्यपाल असम प्रो. जगदीश मुखी, भाजपा के महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद तरुण चुघ, पूर्व भाजपा दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, सांसद बांसुरी स्वराज, उत्तराखंड सरकार के मंत्री मदन कौशिक, संजय तलवार (बाबा), टीवी कलाकार अमर वाल्मीकि तथा अभिनेता शेख रईस करीम सहित अनेक गणमान्य लोग शामिल होंगे।
श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्थाओं को सुचारू रखने के लिए कार्यकर्ताओं की 21 सदस्यीय समिति बनाई गई है। भंडारा, सुरक्षा, शोभायात्रा, प्रशासनिक व्यवस्था, यातायात, आवास, आरती, प्रचार और अतिथि स्वागत सहित विभिन्न व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी कार्यकर्ताओं को सौंपी गई है। आयोजन समिति ने स्थानीय प्रशासन से महोत्सव के दौरान विशेष रूप से सफाई व्यवस्था पर ध्यान देने की मांग की है।
1911 से चली आ रही है ज्योत अर्पित करने की परंपरा
मुलतान जोत महोत्सव की परंपरा वर्ष 1911 से जुड़ी है। बताया जाता है कि भक्त रूप चंद पाकिस्तान के मुलतान से पैदल चलकर हरिद्वार पहुंचे और समाज में भाईचारे, शांति एवं सद्भाव की कामना को लेकर गंगा मैया को ज्योति अर्पित की। तभी से यह परंपरा निरंतर आगे बढ़ती रही और आज यह एक विशाल धार्मिक-सामाजिक महोत्सव का रूप ले चुकी है।
देश के विभिन्न प्रांतों के साथ पाकिस्तान में बसे मुलतान से भी श्रद्धालु इस आयोजन में शामिल होने पहुंचते हैं। हर वर्ष बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या इस महोत्सव की लोकप्रियता और आस्था का प्रमाण बनती जा रही है।
एक सप्ताह से धर्मनगरी में धार्मिक आयोजनों की धूम
महोत्सव से पहले ही हरिद्वार में धार्मिक आयोजनों का सिलसिला शुरू हो चुका है। विशाल यज्ञ, भंडारे, जागरण, रासलीला, 100 कुंडीय सुंदरकांड यज्ञ, श्रीरामायण पाठ, प्रवचन और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन विश्व शांति एवं लोक कल्याण की भावना से किया जा रहा है। बाजारों में भगवा ध्वज और विभिन्न स्थानों पर स्वागत द्वार सजाए गए हैं।
ज्योत प्रवाह के दौरान ढोल-नगाड़ों, भजनों, गंगा मैया की धुनों और जयघोष के बीच हजारों-लाखों ज्योतियों का गंगा में प्रवाहित होना श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत भावुक और आध्यात्मिक दृश्य प्रस्तुत करेगा।
भौतिकता से ऊपर उठकर मर्यादित जीवन का संदेश
महोत्सव के आयोजकों ने कहा कि आज मानव भौतिक सुख-सुविधाओं की दौड़ में आध्यात्मिकता, संयम और तप से दूर होता जा रहा है। ऐसे आयोजनों का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान करना नहीं, बल्कि मानव को अपने जीवन में मर्यादा, सदाचार और महापुरुषों के आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा देना भी है।
उन्होंने कहा कि मनुष्य के सामने जीवन को बनाने और बिगाड़ने दोनों के रास्ते खुले हैं। उसे अपनी बुद्धि और विवेक से सही मार्ग का चुनाव करना चाहिए। हरिद्वार जैसी पवित्र नगरी में आकर गंगा के सानिध्य में व्यक्ति आत्मचिंतन, शांति और संतोष का अनुभव करता है। यही श्री मुलतान जोत महोत्सव का मूल संदेश है—भाईचारा, सद्भाव, शांति, आस्था और मानव कल्याण।
116वां श्री मुलतान जोत महोत्सव : हरिद्वार में उमड़ेगा आस्था का सैलाब, लाखों श्रद्धालु गंगा में प्रवाहित करेंगे पवित्र ज्योत













