उदयपुर(कमल शर्मा)कृष्ण सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय श्री खाटू श्याम कथा का आज श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ भव्य शुभारंभ हुआ। कथा के प्रथम दिवस विशाल एवं भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तजन शामिल हुए। वातावरण बाबा श्याम के जयकारों और भक्तिमय धुनों से गुंजायमान हो उठा।

मोहान गोकुलधाम, हरिद्वार के पीठाधीश्वर पूज्य श्री कृष्णा संजय जी महाराज के पावन सान्निध्य में आयोजित कथा में महाराज श्री ने बाबा श्याम की महिमा और भक्ति के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। महाराज श्री ने कहा कि कलियुग में बाबा श्याम की भक्ति जन-जन के लिए आस्था, विश्वास और आश्रय का माध्यम है। हम सभी को श्रद्धा एवं विश्वास के साथ बाबा श्याम की पूजा-अर्चना और आराधना करनी चाहिए, क्योंकि प्रभु की कृपा ही जीवन का सच्चा हित साधन करती है।

कथा के दौरान महाराज श्री ने स्कंदपुराण के आधार पर भक्तों को पावन कथा का श्रवण कराया। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति के पुराण केवल कथाएं नहीं, बल्कि मानव जीवन को सत्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर ले जाने वाले दिव्य ज्ञान के भंडार हैं।
महाराज श्री ने भक्तों को आध्यात्मिक जीवन की ओर प्रेरित करते हुए प्रार्थना के भावों को व्यक्त किया और कहा—
“असतो मा सद्गमय, तमसो मा ज्योतिर्गमय, मृत्योर्मा अमृतं गमय।”

अर्थात्—हे प्रभु! हमें असत्य से सत्य की ओर, अज्ञान के अंधकार से ज्ञान के परम प्रकाश की ओर तथा मृत्यु और भय से मुक्त कर अमृतमय, परमानंद स्वरूप जीवन का अनुभव कराइए। हमारे सभी संशयों का निवारण कीजिए और अपने दिव्य स्वरूप का सर्वत्र दर्शन कराइए।

महाराज श्री ने भावपूर्ण शब्दों में बाबा श्याम से प्रार्थना करते हुए कहा कि हे बाबा श्याम! हमारे भीतर का अज्ञान मिटाइए, सत्य का अनुभव कराइए और अपने कृपा-प्रकाश से हमारे जीवन को आलोकित कर दीजिए।
कथा के क्रम में महाराज श्री ने पुराणों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पुराणों को मुख्य रूप से दो वर्गों—महापुराण एवं उपपुराण में विभाजित किया गया है। सनातन धर्म के ग्रंथ मानव जीवन के लिए धर्म, ज्ञान, भक्ति और वैराग्य का अद्भुत मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।

प्रथम दिवस की कथा में भक्तों ने भावविभोर होकर बाबा श्याम की महिमा का श्रवण किया और संकल्प लिया कि वे जीवन में सत्य, सदाचार और भक्ति के मार्ग को अपनाएंगे। कथा स्थल पर दिनभर “हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा” के जयघोष गूंजते रहे।
कृष्ण सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित यह श्री खाटू श्याम कथा श्रद्धालुओं के लिए भक्ति, ज्ञान और आध्यात्मिक चेतना का अनुपम संगम बनी हुई है।










