हरिद्वार। उत्तराखण्ड बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने बहादराबाद विकासखंड के राजकीय जूनियर हाईस्कूल आन्नेकी नंबर-1 में छात्राओं के साथ वर्ष 2025 में हुए कथित शारीरिक एवं मानसिक शोषण के मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी, हरिद्वार से विस्तृत कार्यवाही आख्या तलब की है।
आयोग को अस्मिता फाउंडेशन उत्तराखण्ड की महासचिव श्रीमती मानसी मिश्रा द्वारा भेजे गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया कि विद्यालय की छात्राओं के साथ शारीरिक एवं मानसिक शोषण की घटनाएं हुईं। शिकायत के अनुसार 22 मई 2026 को विद्यालय में आयोजित बाल संरक्षण प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान कई छात्राओं ने अपने साथ हुई घटनाओं का खुलासा किया। आरोप है कि शिकायत करने वाली बालिकाओं को डराने-धमकाने का भी प्रयास किया जा रहा है, जिससे वे मानसिक आघात से गुजर रही हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखण्ड बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने मुख्य शिक्षा अधिकारी, हरिद्वार को निर्देश जारी करते हुए प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर विस्तृत कार्यवाही रिपोर्ट 15 जुलाई 2026 तक आयोग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।
आयोग के अनुसचिव डॉ. सतीश कुमार सिंह द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि बच्चों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। वहीं शिकायतकर्ता श्रीमती मानसी मिश्रा को भी पत्र की प्रति सूचनार्थ प्रेषित की गई है।
यह मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और विद्यालयों में छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अब सभी की निगाहें शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।
हरिद्वार के सरकारी स्कूल में छात्राओं के कथित शोषण पर बाल अधिकार आयोग सख्त, मुख्य शिक्षा अधिकारी से मांगी विस्तृत रिपोर्ट










