श्रीकृष्ण जन्मोत्सव और नंदोत्सव की दिव्य झांकियों ने श्रद्धालुओं को किया मंत्रमुग्ध, कमल दास कुटिया में भक्ति की बही अविरल गंगा

हरिद्वार (कमल शर्मा)। भूपतवाला स्थित कमल दास कुटिया ट्रस्ट में आयोजित श्रीमद्भागवत सप्ताह के पांचवें दिन कथा व्यास श्री शिव प्रकाश शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, नंदोत्सव तथा वृंदावन की बाल लीलाओं का अत्यंत भावपूर्ण एवं मनोहारी वर्णन किया। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य प्राकट्य, गोकुल में छाए उत्सव के माहौल और नटखट बाल लीलाओं का ऐसा सजीव चित्रण किया गया कि श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो उठे। “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से पूरा कथा पंडाल भक्तिमय वातावरण में गूंज उठा।
कथा व्यास श्री शिव प्रकाश शास्त्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का अवतार धर्म की स्थापना, अधर्म के विनाश और भक्तों के कल्याण के लिए हुआ। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि जीवन को प्रेम, करुणा, सरलता और भक्ति का संदेश देती हैं।
कमल दास कुटिया ट्रस्ट के महंत श्री ओम प्रकाश शास्त्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मानव जीवन को धर्म, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कथा के संदेशों को अपने जीवन में आत्मसात करने का आह्वान करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का चरित्र प्रत्येक व्यक्ति के लिए प्रेरणास्रोत है।
ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री अजय गौतम ने कहा कि श्रीमद्भागवत सप्ताह का उद्देश्य समाज में आध्यात्मिक जागृति और सनातन संस्कृति के प्रति आस्था को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि समाज आज भी भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों से गहराई से जुड़ा हुआ है।
ट्रस्ट के सदस्य सोनू कैलाशी ने कहा कि कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों और भक्ति मार्ग का अनुसरण करने की प्रेरणा मिल रही है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से आगामी कथा प्रसंगों में भी अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्म लाभ प्राप्त करने की अपील की।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, महिला-पुरुष एवं युवा उपस्थित रहे और कथा श्रवण के उपरांत भगवान श्रीकृष्ण की आरती तथा प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।

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