53वें श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का शुभारंभ, भागवत रस में सराबोर हुआ हरिद्वार, एकता भवन में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

53वें श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का शुभारंभ, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास से गूंजा एकता भवन


हरिद्वार,(कमल शर्मा) 22 जून। मुल्तान एकता समिति दिल्ली के तत्वावधान में भीमगोड़ा स्थित एकता भवन मंदिर हॉल में आयोजित 53वें वार्षिक श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ 2026 का सोमवार को विधिवत शुभारंभ हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना और मंगल कलश यात्रा के साथ प्रारंभ हुए इस सात दिवसीय धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में स्वयं को समर्पित किया।
कथा के प्रथम दिवस पर कथा व्यास आचार्य श्री तरुण लखन राघव शाण्डिल्य जी महाराज ने श्रीमद्भागवत महापुराण की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि भागवत कथा मनुष्य के जीवन को सदाचार, सेवा और भक्ति के मार्ग पर अग्रसर करती है। उन्होंने कहा कि कलियुग में भगवान के नाम का स्मरण और भागवत श्रवण ही आत्मकल्याण का सर्वोत्तम साधन है।
मुल्तान एकता समिति के वरिष्ठ सदस्य किशन लाल टुटेजा ने कहा कि समिति पिछले 53 वर्षों से निरंतर धार्मिक और सामाजिक मूल्यों के संरक्षण के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज को संस्कार, प्रेम और एकता का संदेश देने का माध्यम है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में कथा श्रवण कर अपने जीवन को आध्यात्मिक ऊर्जा से जोड़ने का आह्वान किया।
समिति के प्रधान श्री जगदीश मल्होत्रा ने कहा कि भागवत कथा मानव जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का दिव्य माध्यम है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जब समाज विभिन्न चुनौतियों का सामना कर रहा है, ऐसे धार्मिक आयोजन लोगों को नैतिकता, सद्भाव और पारिवारिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि मुल्तान एकता समिति का उद्देश्य समाज में प्रेम, भाईचारे और सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार को सुदृढ़ करना है।
मुख्य यजमान श्री सूरज अरोड़ा (अरोड़ा परिवार, दिल्ली) के सान्निध्य में प्रारंभ हुई यह कथा 28 जून तक प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक चलेगी, जबकि 29 जून को हवन पूर्णाहुति एवं साधु-संत भंडारे का आयोजन किया जाएगा। कथा का सीधा प्रसारण श्री कृष्णा प्रोडक्शन्स यूट्यूब चैनल के माध्यम से भी किया जा रहा है।

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