देहरादून, 22 जून। उत्तरांचल प्रेस क्लब में सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में चंद्रबनी क्षेत्र के दो परिवारों ने अपनी-अपनी भूमि से जुड़े विवादों को सार्वजनिक करते हुए स्पष्ट किया कि उनकी संपत्तियां एक-दूसरे से पूरी तरह अलग हैं और दोनों मामलों को आपस में जोड़कर देखना तथ्यात्मक रूप से गलत है। प्रेस वार्ता में दिनेश कुमार एवं उनके परिवार के साथ रामकिशन, रामस्वरूप और उनके परिजन उपस्थित रहे।
दिनेश कुमार ने बताया कि चंद्रबनी स्थित लगभग तीन बीघा भूमि उनकी पैतृक संपत्ति है, जिसके स्वामित्व संबंधी सभी दस्तावेज उनके पास उपलब्ध हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि उनकी निजी भूमि को ग्राम समाज की भूमि बताकर उस पर दावा करने का प्रयास कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनके भूमि विवाद को किसी अन्य मामले से जोड़ना अनुचित है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विवाद के दौरान उनके साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए अभद्र व्यवहार किया गया, जिसकी शिकायत पर पुलिस ने संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। दिनेश कुमार ने कहा कि यह मामला पूरी तरह उनके परिवार से जुड़ा हुआ है और इसका दूसरे पक्ष से कोई संबंध नहीं है।
प्रेस वार्ता के दौरान दिनेश कुमार ने अपने दादा को प्राप्त सैन्य सम्मान और पदक भी प्रदर्शित किए। उन्होंने कहा कि उनके पूर्वजों ने देश की सेवा की है और संबंधित भूमि उनके परिवार की वैध पैतृक संपत्ति है।
वहीं रामकिशन एवं रामस्वरूप ने भी स्पष्ट किया कि उनकी भूमि अलग है और उसका दिनेश कुमार की संपत्ति से कोई संबंध नहीं है। रामकिशन ने बताया कि संबंधित भूमि उन्हें उनके मामा स्वर्गीय रामनाथ द्वारा की गई वसीयत के माध्यम से प्राप्त हुई थी। उन्होंने कहा कि दोनों परिवारों की संपत्तियों को एक साथ जोड़कर देखने से भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।
रामकिशन पक्ष ने यह भी कहा कि उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में हुई मीनारबंदी एवं सीमांकन की प्रक्रिया के दौरान दोनों संपत्तियों को एक साथ शामिल किए जाने से विवाद की स्थिति बनी, जबकि दोनों भूमि स्वामित्व अलग-अलग हैं।
प्रेस वार्ता में दिनेश कुमार ने भाजपा विधायक विनोद चमोली पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे प्रकरण की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले का संज्ञान लेकर न्याय सुनिश्चित करने की अपील की।
इस अवसर पर उत्तराखंड टाइगर फोर्स के केंद्रीय अध्यक्ष ललित उत्तराखंडी ने कहा कि किसी भी नागरिक की वैध संपत्ति पर अवैध कब्जे का प्रयास कानून के विरुद्ध है और प्रशासन को निष्पक्षता के साथ पूरे मामले की जांच करनी चाहिए। उन्होंने पुलिस प्रशासन से शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई करने की मांग की।





