खाटू श्याम कथा के द्वितीय दिवस भक्तिरस में डूबा उदयपुर
कमल शर्मा
उदयपुर। कृष्णा सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित श्री खाटू श्याम कथा के द्वितीय दिवस श्रद्धालु भक्तिरस में सराबोर हो गए। हरिद्वार से पधारे मोहन गोकुल धाम के पीठाधीश्वर पूज्य कृष्णा संजय जी महाराज ने अपने ओजस्वी और भावपूर्ण प्रवचनों से उपस्थित श्रद्धालुओं को भक्ति, सदाचार और जीवन के सत्य मार्ग का संदेश दिया।

महाराज श्री ने कहा कि कलियुग में भक्ति की आवश्यकता अत्यधिक बढ़ गई है। किंतु केवल भक्ति ही पर्याप्त नहीं है, भक्ति के साथ जीवन में सत्य का पालन, सदाचार और उत्तम आचरण भी अत्यंत आवश्यक हैं। मनुष्य की सच्ची भक्ति वही है, जिसका प्रभाव उसके व्यवहार और चरित्र में दिखाई दे।

कथा के दौरान महाराज श्री ने महादेव और अर्जुन के दिव्य प्रसंग का अत्यंत सुंदर और भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार भगवान शिव ने अर्जुन की तपस्या, श्रद्धा और पात्रता की परीक्षा लेते हुए किरात स्वरूप धारण किया। अर्जुन के पराक्रम, धैर्य और अटूट साधना से प्रसन्न होकर भगवान महादेव ने उन्हें दर्शन दिए तथा दिव्य पाशुपत अस्त्र प्रदान कर अनुग्रहित किया।
महाराज श्री ने इस प्रसंग के माध्यम से कहा कि जीवन में बड़ी से बड़ी कृपा और सफलता प्राप्त करने के लिए तप, धैर्य, पुरुषार्थ और ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास आवश्यक है। जब साधक का संकल्प दृढ़ और मन श्रद्धा से परिपूर्ण होता है, तब स्वयं भगवान भी उसकी परीक्षा लेकर उसे योग्य बनाते हैं।
कथा स्थल पर बाबा श्याम के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर आध्यात्मिक आनंद और जीवनोपयोगी प्रेरणा प्राप्त की।
जय श्री श्याम!










