धर्मनगरी हरिद्वार में “वेज बिरयानी बनाम वेज पुलाव” को लेकर शुरू हुई बहस अब एक जन-अभियान का रूप लेती नजर आ रही है। अखंड परशुराम अखाड़े द्वारा शुरू की गई इस मुहिम को शहर के कई ठेला संचालकों और खाद्य व्यवसायियों का समर्थन मिला है। मायापुर क्षेत्र समेत विभिन्न स्थानों पर पहले “वेज बिरयानी” के नाम से खाद्य सामग्री बेचने वाले व्यापारियों ने अपने बोर्ड बदलकर “वेज पुलाव” लिखना शुरू कर दिया है।
बोर्ड बदलने वाले व्यापारियों का किया सम्मान
अभियान के तहत अखंड परशुराम अखाड़े के पदाधिकारी स्वयं व्यापारियों के बीच पहुंचे और उन दुकानदारों एवं ठेला संचालकों का सम्मान किया जिन्होंने स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठानों पर लगे “वेज बिरयानी” के बोर्ड हटाकर “वेज पुलाव” के बोर्ड लगा लिए हैं। इस अवसर पर अखाड़े के सदस्यों ने संबंधित व्यापारियों का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें सम्मानित भी किया।
विनम्र अपील के जरिए चलाया गया अभियान
अखंड परशुराम अखाड़े के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि संगठन की ओर से किसी प्रकार का दबाव नहीं बनाया गया, बल्कि सभी व्यापारियों से हाथ जोड़कर विनम्र निवेदन किया गया था। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान दुकानों और ठेलियों पर जागरूकता संबंधी स्टीकर भी लगाए गए थे, जिनमें व्यापारियों से आग्रह किया गया था कि वे “वेज बिरयानी” के स्थान पर “वेज पुलाव” शब्द का प्रयोग करें।
व्यापारियों ने स्वीकार की अपील
पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि बड़ी संख्या में व्यापारियों ने उनकी अपील को स्वीकार किया और अपने बोर्डों में आवश्यक परिवर्तन किए। उन्होंने कहा कि यह स्वागत योग्य कदम है और इससे तीर्थनगरी की सांस्कृतिक एवं धार्मिक पहचान को मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि अन्य कई व्यापारियों ने भी इस पहल का समर्थन किया है और आने वाले दिनों में उन्हें भी सम्मानित किया जाएगा।
आगे भी जारी रहेगा जागरूकता अभियान
उन्होंने कहा कि मायापुर क्षेत्र से शुरू की गई यह मुहिम लगातार जारी रहेगी और संगठन हरिद्वार के अन्य क्षेत्रों में भी लोगों को जागरूक करने का कार्य करेगा। कौशिक ने अभियान को समर्थन देने वाले सभी नागरिकों, व्यापारियों और सामाजिक संगठनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनसहयोग के बिना किसी भी सामाजिक पहल को सफल नहीं बनाया जा सकता।
लोगों से की सांस्कृतिक पहचान बनाए रखने की अपील
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में भी इस विषय पर जागरूकता फैलाएं और जहां कहीं भी “वेज बिरयानी” के बोर्ड लगे हों, वहां संबंधित व्यापारियों से संवाद कर उन्हें “वेज पुलाव” शब्द अपनाने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि हरिद्वार एक विश्व प्रसिद्ध तीर्थनगरी है और इसकी धार्मिक एवं सांस्कृतिक मर्यादा को बनाए रखना सभी नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
यह लोग रहे मौजूद
स्वामी कार्तिक गिरी जी महाराज, कुलदीप कृष्ण,कुलदीप शर्मा,मनोज ठाकुर,गोपाल पंडित




