हरिद्वार (कमल शर्मा)। भीमगोड़ा कुंड स्थित श्री कृष्ण कृपा धाम में पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर आयोजित सात दिवसीय गीता ज्ञान, गीता ध्यान एवं श्रीमद्भागवत कथा अनुष्ठान का रविवार को श्रद्धा, भक्ति और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भव्य समापन हो गया। समापन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर कथा एवं गीता सत्संग का लाभ प्राप्त किया।
कार्यक्रम का आयोजन गीता मनीषी परम पूज्य स्वामी श्री ज्ञानानंद जी महाराज के पावन सान्निध्य में किया गया। कथा के अंतिम दिवस पर भागवत व्यास श्रद्धेय पं. राम मुद्गल शास्त्री (वृंदावन) ने श्रीमद्भागवत महापुराण के विभिन्न प्रसंगों का सार प्रस्तुत करते हुए कहा कि भागवत कथा मनुष्य को भक्ति, सेवा, सदाचार और भगवान के प्रति समर्पण का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि पुरुषोत्तम मास में कथा श्रवण और गीता चिंतन का विशेष महत्व है, जिससे जीवन में आध्यात्मिक उन्नति और मानसिक शांति प्राप्त होती है।
समापन अवसर पर आयोजित पूर्णाहुति, हवन एवं भंडारे में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। गीता परिवार के सदस्यों ने सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों एवं आयोजन समिति का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आध्यात्मिक आयोजनों से समाज में संस्कार, सद्भाव और धर्म के प्रति आस्था मजबूत होती है।
कार्यक्रम के अंत में भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों के साथ विश्व कल्याण, सुख-समृद्धि एवं मानवता के मंगल की प्रार्थना की। समूचा श्री कृष्ण कृपा धाम भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा।
पुरुषोत्तम मास में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा एवं गीता ज्ञान महायज्ञ का हुआ भव्य समापन




