माखन चोरी, गोवर्धन पूजा और इंद्र के अभिमान भंजन की कथा सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु


गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं से भक्तिमय हुआ वातावरण

हरिद्वार(कमल शर्मा)पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर श्री स्वामी नारायण आश्रम, भूपतवाला में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथा व्यास परम पूज्य आचार्य श्री गौरव कृष्ण गोस्वामी जी ने भगवान श्रीकृष्ण की मनोहारी बाल लीलाओं का रसपूर्ण एवं भावपूर्ण वर्णन किया। कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और भक्ति रस में सराबोर होकर भगवान की लीलाओं का आनंद लिया।
कथा के दौरान आचार्य श्री ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल सखाओं के साथ की गई माखन चोरी की लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान की प्रत्येक लीला भक्तों को प्रेम, सरलता और निष्काम भक्ति का संदेश देती है। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि गूढ़ आध्यात्मिक संदेशों से परिपूर्ण हैं।
कथा में गोवर्धन पूजा और गोवर्धन लीला का विस्तार से वर्णन किया गया। आचार्य श्री ने बताया कि जब देवराज इंद्र अपने ऐश्वर्य और शक्ति के अभिमान में चूर हो गए, तब भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठा अंगुली पर धारण कर समस्त ब्रजवासियों की रक्षा की तथा इंद्र के अहंकार का नाश किया। यह प्रसंग हमें सिखाता है कि अभिमान का अंत निश्चित है और भगवान अपने भक्तों की सदैव रक्षा करते हैं।
कथा के दौरान श्रीकृष्ण के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन के साथ कथा का श्रवण किया और भगवान की लीलाओं का भावपूर्ण रसास्वादन किया।
कार्यक्रम के मुख्य यजमान रवि खण्डेलवाल एवं सुनीता खण्डेलवाल हैं। कथा का आयोजन 31 मई से 6 जून 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 4:00 बजे से किया जा रहा है।
कार्यक्रम विवरण
कथा स्थल : श्री स्वामी नारायण आश्रम, भूपतवाला, हरिद्वार, उत्तराखंड
कथा व्यास : परम पूज्य आचार्य श्री गौरव कृष्ण गोस्वामी जी
निवेदक : रवि खण्डेलवाल, सुनीता खण्डेलवाल
“जहां श्रीकृष्ण की कथा होती है, वहां भक्ति, प्रेम और आनंद की अविरल धारा स्वतः प्रवाहित होती है।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *