रुड़की। कमल शर्मा/आर्य समाज नन्द विहार ने सुनहरा रोड स्थित ऐतिहासिक शहीद स्मारक वटवृक्ष के संरक्षण, सौंदर्यीकरण एवं पहचान को लेकर नगर निगम प्रशासन से प्रभावी कार्रवाई की मांग उठाई है। संस्था की ओर से मेयर एवं नगर आयुक्त को प्रेषित ज्ञापन में कहा गया है कि यह स्थल स्वतंत्रता संग्राम के अमर बलिदानियों की यादों का प्रतीक है, जहां अंग्रेज शासकों द्वारा असंख्य क्रांतिकारियों को फांसी पर लटकाया गया था।
ज्ञापन में बताया गया कि सुनहरा रोड स्थित यह ऐतिहासिक वटवृक्ष केवल एक पेड़ नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, बलिदान और स्वतंत्रता संग्राम की गौरवगाथा का जीवंत स्मारक है। यहां प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी गणतंत्र दिवस, 23 मार्च शहीद दिवस, 10 मई प्रथम स्वतंत्रता क्रांति दिवस, 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस, 9 अगस्त भारत छोड़ो आंदोलन दिवस, चन्द्रशेखर आजाद, भगत सिंह और रामप्रसाद बिस्मिल की जयंती सहित अनेक राष्ट्रीय एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
आर्य समाज नन्द विहार के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रत्येक माह के प्रथम रविवार को क्षेत्रीय स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों एवं समाजसेवियों द्वारा शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है, लेकिन शासन द्वारा पर्यटन एवं शहीदी स्थल घोषित किए जाने के बावजूद यह स्थान आज भी मूलभूत सुविधाओं, सुरक्षा एवं सौंदर्यीकरण से वंचित है। इससे स्वतंत्रता सेनानियों एवं राष्ट्रभक्त नागरिकों की भावनाएं आहत हो रही हैं।
संस्था ने नगर निगम से मांग की है कि ईदगाह चौक के पुराने नाम को बदलकर “शहीद स्मारक चौक” घोषित किया जाए, ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं एवं आगंतुकों को इस ऐतिहासिक स्थल की पहचान आसानी से हो सके और शहीदों की स्मृतियों को स्थायी सम्मान मिल सके।
प्रधान आर्य हरपाल सिंह सैनी ने कहा कि यह स्थल सम्पूर्ण उत्तराखण्ड और राष्ट्रभक्तों की आस्था का केंद्र है। यदि प्रशासन द्वारा इसके संरक्षण एवं विकास के लिए ठोस कदम उठाए जाते हैं तो आने वाली पीढ़ियां भी देशभक्ति और बलिदान की प्रेरणा प्राप्त कर सकेंगी।
शहीदों की विरासत को सम्मान दिलाने उठी मांग, सुनहरा रोड के ऐतिहासिक वटवृक्ष को मिले “शहीद स्मारक चौक” की पहचान



