रुड़की। आज आर्य समाज नंद विहार रुड़की के पदाधिकारियों द्वारा आगामी 10 मई को आयोजित होने वाले 1857 प्रथम क्रांति दिवस समारोह के लिए वरिष्ठ समाजसेवी एडवोकेट महिपाल सिंह जी एवं पूर्व शिक्षा अधिकारी श्री ब्रह्मपाल सिंह सैनी जी को सम्मानपूर्वक निमंत्रण दिया गया। इस अवसर पर उन्हें ओ३म अंकित अंग वस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान आर्य समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि 1857 की प्रथम क्रांति भारत के स्वाभिमान, बलिदान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है, जिसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है।
वरिष्ठ समाजसेवी एडवोकेट महिपाल सिंह जी ने अपने संबोधन में कहा कि “1857 की क्रांति ने भारतवासियों में स्वतंत्रता का अलख जगाया था। ऐसे ऐतिहासिक आयोजनों से युवाओं को देशभक्ति और समाज सेवा की प्रेरणा मिलती है। आर्य समाज सदैव राष्ट्र और समाज जागरण का कार्य करता आया है।”
पूर्व शिक्षा अधिकारी श्री ब्रह्मपाल सिंह सैनी जी ने कहा कि “महापुरुषों और क्रांतिकारियों के बलिदान को स्मरण करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। आर्य समाज द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम समाज में राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करेगा।”
आर्य हरपाल सैनी ने कहा कि “आर्य समाज केवल धार्मिक ही नहीं बल्कि सामाजिक और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। 10 मई का यह आयोजन जनजागरण और राष्ट्रभक्ति का संदेश देगा।”
इस अवसर पर उपस्थित पदाधिकारियों ने सभी नागरिकों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की।



