🌿 हरिद्वार/कमल शर्मा/ गुरु गोरखनाथ अलख अखाड़ा परिषद द्वारा 64 योगिनी मंदिर निर्माण अभियान का शुभारंभ अत्यंत पावन वातावरण में पीपल, बड़ व नीम के पूजनीय वृक्षों की उपस्थिति में विधिवत रूप से किया गया। इस अवसर पर संत समाज की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
कार्यक्रम में महामंडलेश्वर हर्षिता जी महाराज, महामंडलेश्वर अरुणा जी महाराज एवं महामंडलेश्वर साईं मां नाथ जी महाराज विशेष रूप से उपस्थित रहीं। सभी संतों ने मिलकर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भूमि पूजन कर इस महत्वाकांक्षी धार्मिक परियोजना की नींव रखी।
अखाड़ा के अध्यक्ष संजीवन नाथ महाराज ने इस अवसर पर कहा कि 64 योगिनी मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति और शक्ति साधना का जीवंत केंद्र होगा। उन्होंने बताया कि यह अभियान भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं को सशक्त करने और आने वाली पीढ़ियों को संस्कृति से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
उन्होंने आगे कहा कि पीपल बड़ और नीम जैसे पवित्र वृक्षों के सान्निध्य में इस अभियान की शुरुआत करना प्रकृति और आध्यात्म के समन्वय का प्रतीक है। यह मंदिर साधना, ध्यान और शक्ति उपासना का प्रमुख केंद्र बनेगा।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित संतों और श्रद्धालुओं ने इस पवित्र अभियान की सफलता के लिए सामूहिक प्रार्थना की और संकल्प लिया कि वे इस निर्माण कार्य में पूर्ण सहयोग प्रदान करेंगे।
पीपल, बड़ और नीम के सान्निध्य में शुरू हुआ 64 योगिनी मंदिर निर्माण अभियान



