सिडकुल में मजदूरों के दमन और फर्जी मुकदमों के खिलाफ उत्तराखण्ड क्रांति दल (UKD) का हल्ला बोल, जिला अध्यक्ष गोकुल रावत और कार्यकारी अध्यक्ष तुषार ने दी चेतावनी।
हरिद्वार। सिडकुल क्षेत्र में शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे श्रमिक नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं पर पुलिस द्वारा दर्ज की गई FIR के विरोध में उत्तराखण्ड क्रांति दल (UKD) मुखर होकर मैदान में उतर आया है। दल ने इस कार्यवाही को लोकतंत्र की हत्या और पूंजीपतियों के साथ प्रशासन की मिलीभगत करार दिया है।
हरिद्वार जिला अध्यक्ष गोकुल रावत ने अपने कड़े संबोधन में कहा कि, “उत्तराखण्ड राज्य की अवधारणा ही यहाँ के जल, जंगल, जमीन और जनमानस के अधिकारों की रक्षा के लिए थी। सिडकुल में जिस प्रकार मजदूरों के जायज हक को कुचलने के लिए पुलिस बल और फर्जी मुकदमों का सहारा लिया जा रहा है, वह बेहद निंदनीय है। उत्तराखण्ड क्रांति दल अपने राज्य के मजदूरों का शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा। प्रशासन को यह समझ लेना चाहिए कि मजदूरों की आवाज दबाने का अंजाम बुरा होगा।
महानगर कार्यकारी अध्यक्ष तुषार चौधरी ने कहा कि, “मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपना एक शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक प्रक्रिया है । इसके बावजूद सिडकुल पुलिस ने धारा 126(2), 190, 191(2), 52 और 53 के तहत जो FIR दर्ज की है, वह पूरी तरह निराधार है । यह सीधे तौर पर उन लोगों को निशाना बनाना है जो श्रम कानूनों के उल्लंघन के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं । UKD इन सभी फर्जी मुकदमों को तत्काल वापस लेने की मांग करता है।”
UKD की संयुक्त माँगें:
- सिडकुल थाने में दर्ज FIR सं. 0178 को तत्काल निरस्त किया जाए ।
- श्रम विभाग उन कंपनियों पर सख्त कार्यवाही करे जिन्होंने त्रिपक्षीय समझौते का उल्लंघन किया है ।
- मजदूरों के उत्पीड़न और अवैध ठेकाकरण पर तुरंत रोक लगाई जाए।
अंत में दल के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इन फर्जी मुकदमों को वापस नहीं लिया गया, तो उत्तराखण्ड क्रांति दल पूरे जिले में उग्र जनआंदोलन शुरू करेगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी ।



