हरिद्वार में संतों का विराट समागम, हरिहर पुरुषोत्तम भागवत धाम में भक्ति और अध्यात्म की बही अविरल धारा

हरिद्वार, कमल शर्मा/हरिहर पुरुषोत्तम भागवत धाम में आयोजित पन्द्रहवें वार्षिकोत्सव के अंतर्गत मंगलवार, 12 मई 2026 को भव्य संत सम्मेलन एवं श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञानयज्ञ श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा के अद्भुत वातावरण में सम्पन्न हुआ। सप्तसरोवर क्षेत्र स्थित भागवत धाम में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा परिसर भजन-कीर्तन, वैदिक मंत्रोच्चार तथा संतों के दिव्य प्रवचनों से भक्तिमय हो उठा।


भागवत भूषण 1008 महामण्डलेश्वर स्वामी जगदीश दास उदासीन महाराज के सानिध्य में आयोजित संत सम्मेलन में देशभर से पहुंचे संत-महात्माओं ने सनातन संस्कृति, मानव सेवा, राष्ट्रभक्ति और आध्यात्मिक जीवन पर अपने प्रेरणादायी विचार रखे। संतों ने कहा कि वर्तमान समय में समाज को अध्यात्म, संस्कार और सद्भाव की सबसे अधिक आवश्यकता है तथा श्रीमद्भागवत कथा मानव जीवन को सकारात्मक दिशा प्रदान करती है।


कार्यक्रम में हरिसेवा आश्रम के म० सं० स्वामी हरिचेतनानन्द जी महाराज, हरिहर पीठाधीश्वर प.पू. म० सुयज्ञ मुनि जी महाराज, श्री महन्त देवानन्द सरस्वती जी महाराज सहित पंजाब, राजस्थान, गुजरात, दिल्ली और उत्तर प्रदेश से पहुंचे अनेक संतों का दिव्य सानिध्य श्रद्धालुओं को प्राप्त हुआ।
इस अवसर पर उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, विधायक आदेश चौहान, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल पूर्व पार्षद प्रत्याशी वार्ड नंबर 1 विशाल गुप्ता सहित अनेक जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों एवं श्रद्धालुओं ने पहुंचकर संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया।


श्रीमद्भागवत कथा के दौरान कथा व्यास ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं एवं धर्म, भक्ति और सदाचार के महत्व का भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे सुन श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। आयोजन स्थल पर विशाल भंडारे एवं प्रसाद वितरण की व्यवस्था भी की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
आयोजन समिति ने बताया कि 15 मई तक चलने वाले इस धार्मिक महोत्सव में प्रतिदिन कथा, भजन, सत्संग और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है। हरिद्वार की पावन धरा पर आयोजित यह आध्यात्मिक महोत्सव श्रद्धालुओं के लिए आस्था और भक्ति का केंद्र बना हुआ है।

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