हरिद्वार (कमल शर्मा)। मछला कुंड स्थित टीले पर श्री गंगा दास उदासीन महाराज के आश्रम में गुरु पूर्णिमा महोत्सव बड़े ही धूमधाम, श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भक्तों ने गुरु चरणों में पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा भजन-कीर्तन, सत्संग और प्रसाद वितरण के साथ पूरा आश्रम भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा।

इस अवसर पर महाराज श्री गंगा दास उदासीन ने कहा कि “गुरु ही वह दिव्य शक्ति हैं जो अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं। गुरु के बताए मार्ग पर चलकर ही मनुष्य जीवन का वास्तविक कल्याण संभव है। गुरु के प्रति श्रद्धा, सेवा और समर्पण ही जीवन की सबसे बड़ी साधना है।”
अमित चौहान ने कहा कि “गुरु पूर्णिमा भारतीय संस्कृति की महान परंपरा का प्रतीक है। गुरु का सान्निध्य जीवन को नई दिशा और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। हमें सदैव अपने गुरुजनों के आदर्शों का अनुसरण करना चाहिए।”

श्रीमती विमला देवी ने कहा कि “गुरु का आशीर्वाद जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। गुरु के सान्निध्य से व्यक्ति के जीवन में संस्कार, सेवा और आध्यात्मिक चेतना का विकास होता है। ऐसे पावन अवसर समाज को एकजुट करने का संदेश देते हैं।”
कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने गुरु पूजन कर सुख-समृद्धि एवं विश्व कल्याण की कामना की। आयोजन के सफल संचालन में आश्रम से जुड़े सेवादारों और भक्तों का विशेष सहयोग रहा। अंत में सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।










