हरिद्वार। श्यामपुर कांगड़ी स्थित मोहन गोकुलधाम, गाजीवाली में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव बड़े ही धूमधाम, श्रद्धा और भक्तिमय वातावरण के बीच मनाया गया। इस अवसर पर पूरा आश्रम भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति के रंग में रंगा नजर आया। आश्रम परिसर को रंग-बिरंगे फूलों, मालाओं, गुब्बारों एवं आकर्षक सजावट से अत्यंत सुंदर ढंग से सजाया गया था।
महोत्सव के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की मनमोहक एवं दिव्य झांकियां प्रस्तुत की गईं, जिन्हें देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। बाल गोपाल की विभिन्न लीलाओं को झांकियों के माध्यम से जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला और पूरा वातावरण जय श्रीकृष्ण एवं राधे-राधे के जयघोष से गूंज उठा।

इस अवसर पर आश्रम के परमाध्यक्ष परम पूज्य गुरुदेव कृष्णा संजय जी महाराज ने श्रद्धालुओं को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का अवतार केवल अधर्म के विनाश के लिए ही नहीं, बल्कि मानव समाज को सत्य, धर्म, प्रेम, करुणा और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने के लिए हुआ था। श्रीकृष्ण का सम्पूर्ण जीवन मानवता के लिए एक महान संदेश है। उन्होंने गीता के माध्यम से संसार को कर्मयोग का ऐसा संदेश दिया, जो आज भी प्रत्येक व्यक्ति के जीवन को सही दिशा प्रदान करता है।

उन्होंने कहा कि जब-जब समाज में अधर्म, अन्याय और अत्याचार बढ़ता है, तब भगवान किसी न किसी रूप में धर्म की स्थापना के लिए अवतरित होते हैं। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी हमें यह संकल्प लेने की प्रेरणा देती है कि हम अपने जीवन में सत्य और धर्म का पालन करें, जरूरतमंदों की सेवा करें तथा प्रेम और भाईचारे का संदेश समाज में फैलाएं।

परम पूज्य गुरुदेव कृष्णा संजय जी महाराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं हमें प्रेम और सरलता का संदेश देती हैं, जबकि उनकी गीता की शिक्षाएं जीवन के संघर्षों से बिना विचलित हुए अपने कर्तव्यों का पालन करने की प्रेरणा देती हैं। हमें भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को केवल पूजा तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि उन्हें अपने व्यवहार और जीवन में भी अपनाना चाहिए।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के दौरान आश्रम में पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन कर सुख-समृद्धि और विश्व कल्याण की कामना की। देर रात तक भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन चलता रहा। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के अवसर पर पूरा मोहन गोकुलधाम भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा।













