जयपुर। कमल शर्मा /राजस्थान की लोक संस्कृति, सनातन परंपरा और भारतीय संगीत को वैश्विक मंच तक पहुंचाने वाले प्रसिद्ध बॉलीवुड पार्श्वगायक, अभिनेता एवं संगीतकार सोमेश्वर महादेवन ने जयपुर स्थित राजगढ़ हाउस में दादू पंथी ठिकाना पीठ गंगाबाग के महंत महंत प्रकाश दास महाराज से शिष्टाचार भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

“अवध में आज दिवाली है”, “अबकी बार चार सौ पार” जैसे चर्चित गीतों से देशभर में लोकप्रियता हासिल करने वाले सोमेश्वर महादेवन का महंत प्रकाश दास महाराज ने भगवा साफा, भगवा शॉल एवं माला पहनाकर भव्य स्वागत किया। इस दौरान महंत प्रकाश दास महाराज ने उन्हें अलवर राजगढ़ आने का निमंत्रण भी दिया, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार किया।

यह आध्यात्मिक एवं प्रेरणादायी मुलाकात संस्कृति, संगीत और सनातन मूल्यों के संरक्षण को लेकर विशेष चर्चा का केंद्र रही। बातचीत के दौरान राजस्थान की लोकसंस्कृति, युवा प्रतिभाओं के उत्थान, भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं तथा कला के माध्यम से राष्ट्र निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
महंत प्रकाश दास महाराज ने कहा कि आज के समय में युवाओं को अपनी संस्कृति, लोकपरंपराओं और आध्यात्मिक जड़ों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है, और इस दिशा में सोमेश्वर महादेवन सराहनीय कार्य कर रहे हैं।

गौरतलब है कि सोमेश्वर महादेवन, जिन्हें “द वॉइस ऑफ राजस्थान” के नाम से भी जाना जाता है, राजस्थान की लोकधारा, मांड गायकी और भारतीय संस्कृति को देश-विदेश तक पहुंचाने के लिए लगातार कार्यरत हैं। बॉलीवुड में पार्श्वगायक, अभिनेता, संगीत निर्माता और सांस्कृतिक दूत के रूप में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्हें भारत भूषण सम्मान सहित कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।

वे 200 से अधिक कलाकारों को मंच प्रदान करने, युवाओं को प्रेरित करने तथा राजस्थान की लोक विरासत को आधुनिक संगीत से जोड़ने के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं। उनके द्वारा प्रस्तुत विश्व का पहला “ॐ सॉन्ग” और “रामचरित रैप” जैसे अनूठे सांस्कृतिक प्रोजेक्ट देशभर में चर्चा का विषय बने हुए हैं। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर उनके गीतों को लाखों-करोड़ों दर्शकों का प्रेम मिल चुका है।
इस अवसर पर सोमेश्वर महादेवन ने कहा कि संतों और गुरुओं का आशीर्वाद ही कलाकार को सही दिशा और शक्ति प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि “रामचरित रैप यात्रा” गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने तथा युवाओं को सनातन, आध्यात्मिक और भारतीय संस्कृति से जोड़ने का एक प्रयास है।
उन्होंने कहा, “संस्कृति, संगीत और सनातन के साथ चलना ही मेरी सबसे बड़ी पहचान है।” 🚩🙏🏻



