हरिद्वार, 16 मई 2026। निर्मला छावनी स्थित श्री अवधूत गणेश हरी आश्रम के तत्वावधान में अमावस्या पर्व बड़े ही श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। आश्रम में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भक्तों ने पूजा-अर्चना, हवन एवं संतों के आशीर्वाद प्राप्त कर पुण्य लाभ अर्जित किया। पूरे आश्रम परिसर में आध्यात्मिक वातावरण और भक्ति की अद्भुत छटा देखने को मिली।
इस अवसर पर आश्रम के परमाध्यक्ष शास्त्री वेदांताचार्य श्री महंत हरी चरण सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि अमावस्या केवल एक तिथि नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, साधना और पितरों के स्मरण का विशेष अवसर है। उन्होंने कहा कि इस दिन किए गए दान, जप, तप और पूजा का विशेष महत्व होता है तथा मनुष्य को अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है।
महंत हरी चरण सिंह ने कहा कि सनातन परंपरा में अमावस्या का विशेष स्थान है और यह दिन व्यक्ति को अपने भीतर झांकने तथा ईश्वर के प्रति समर्पण भाव जागृत करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से धर्म, संस्कार और भारतीय संस्कृति से जुड़े रहने का आह्वान भी किया।
वहीं प्रसिद्ध भविष्यवक्ता एवं ज्योतिषाचार्य राजेश अरोड़ा ने अमावस्या के ज्योतिषीय महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आने वाली अमावस्या कई राशियों के लिए शुभ संकेत लेकर आ रही है। उन्होंने बताया कि इस दिन पितृ तर्पण, दान-पुण्य एवं विशेष पूजा करने से ग्रह दोष शांत होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।
ज्योतिषाचार्य राजेश अरोड़ा ने श्रद्धालुओं को सलाह दी कि अमावस्या के दिन जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र एवं दक्षिणा का दान अवश्य करें तथा भगवान शिव एवं श्री हनुमान जी की उपासना करें। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संत-महात्मा, श्रद्धालु एवं स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
अमावस्या पर श्री अवधूत गणेश हरी आश्रम में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, महंत हरी चरण सिंह बोले— “अमावस्या आत्मशुद्धि और साधना का महापर्व”



