किसानों की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता, अधिकारों के लिए होगा बड़ा संघर्ष : ऋषिपाल अम्बावता
10 से 12 जून तक हरिद्वार में होगा भारतीय किसान यूनियन (अम्बावता) का राष्ट्रीय अधिवेशन एवं चिंतन शिविर
हरिद्वार (कमल शर्मा)। भारतीय किसान यूनियन (अम्बावता) के तत्वावधान में 10, 11 एवं 12 जून 2026 को अलकनंदा होटल ग्राउंड, हरिद्वार में राष्ट्रीय अधिवेशन एवं चिंतन शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस तीन दिवसीय अधिवेशन में देशभर से किसान प्रतिनिधि, पदाधिकारी एवं संगठन के कार्यकर्ता भाग लेकर किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर मंथन करेंगे।
राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी ऋषिपाल अम्बावता ने कहा कि किसानों की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन सरकारें उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही हैं। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय अधिवेशन किसानों के अधिकारों, कृषि नीतियों, फसलों के उचित मूल्य, सिंचाई, बिजली, भूमि अधिग्रहण तथा ग्रामीण विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा का मंच बनेगा। उन्होंने कहा कि किसानों की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता और उनके हितों की रक्षा के लिए संगठन हर स्तर पर संघर्ष करने को तैयार है।
भारतीय किसान यूनियन (अम्बावता) उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चौधरी ने बताया कि राष्ट्रीय अधिवेशन एवं चिंतन शिविर की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों से हजारों किसान प्रतिनिधियों के पहुंचने की संभावना है। अधिवेशन में किसान हितों से जुड़े प्रस्ताव पारित किए जाएंगे तथा भविष्य की रणनीति भी तय की जाएगी।
उन्होंने सभी किसान भाइयों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर अधिवेशन को सफल बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं किसान नेता उपस्थित रहेंगे।




