भक्ति, वेदान्त और संत वाणी से गूंजा कनखल—अखिल भारतीय भक्ति वेदान्त सम्मेलन का भव्य समापन 🔥

🔥 हरिद्वार। वैशाखी के पावन पर्व पर श्री मोहन जगदीश्वर आश्रम, कनखल में आयोजित चार दिवसीय अखिल भारतीय भक्ति वेदान्त सम्मेलन का आज भव्य और आध्यात्मिक वातावरण के बीच समापन हो गया। 11 अप्रैल से शुरू हुए इस दिव्य आयोजन में देशभर से पधारे महामण्डलेश्वर एवं विद्वान संतों ने अपने अमृतमयी उपदेशों से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।


यह सम्मेलन ब्रह्मलीन श्री 1008 महामण्डलेश्वर स्वामी मोहन गिरि जी महाराज एवं ब्रह्मलीन श्री 1008 महामण्डलेश्वर स्वामी जगदीश्वरानन्द गिरि जी महाराज की पुण्य स्मृति में आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता श्री 1008 महामण्डलेश्वर स्वामी दिव्यानन्द गिरि जी महाराज एवं श्री 1008 महामण्डलेश्वर स्वामी विवेकानन्द गिरि जी महाराज ने की।


समापन दिवस पर संतों ने भक्ति, वेदान्त और सनातन धर्म के गूढ़ रहस्यों पर प्रकाश डालते हुए समाज को आध्यात्मिक मार्ग पर चलने का संदेश दिया। भजनोपदेशकों द्वारा प्रस्तुत भजनों ने पूरे आश्रम परिसर को भक्तिमय बना दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व में श्री 1008 महामण्डलेश्वर स्वामी प्रेमानन्द जी महाराज द्वारा ज्योति प्रज्वलन के साथ हुआ था। प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक आयोजित सत्रों में श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति रही।


इस अवसर पर ब्रह्मलीन श्री 108 स्वामी रामेश्वरानन्द गिरि जी महाराज (कोठारी जी) की पुण्य स्मृति में 14 अप्रैल को विशाल भण्डारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
आयोजन समिति श्री मोहन गिरि यतीश्वर ट्रस्ट एवं श्री मोहन जगदीश्वर दिव्य अन्नक्षेत्र ट्रस्ट के संयोजन में सम्पन्न इस सम्मेलन ने एक बार फिर हरिद्वार की आध्यात्मिक परंपरा को जीवंत कर दिया।
निवेदक स्वामी हृदयानन्द गिरि जी ने सभी संतों, श्रद्धालुओं एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक जागरूकता को सुदृढ़ करते हैं।

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