डीपीएस रानीपुर स्वर्ण अक्षर-2026 के दूसरे दिन साहित्य, संस्कृति और विरासत के भव्य संगम की धूम


विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग कार्यक्रमों ने समा बांधा.. झूम उठे दर्शक

हरिद्वार, 9 सितंबर। दिल्ली पब्लिक स्कूल रानीपुर में आयोजित तीन दिवसीय स्वर्ण अक्षर-2026 स्वर्ण जयंती साहित्य महोत्सव के दूसरे दिन साहित्य, कला, संस्कृति और रचनात्मकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। जूनियर एवं मिडिल विंग में पुस्तक प्रदर्शनी, साहित्यिक भ्रमण, कहानी-अभिनय तथा विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने विद्यार्थियों की प्रतिभा और सृजनात्मकता को प्रभावशाली मंच प्रदान किया।

मिडिल विंग के 39 सेक्शनों द्वारा प्रस्तुत साहित्यिक भ्रमण समारोह का विशेष आकर्षण रहा। इसमें सुधा मूर्ति, रस्किन बॉन्ड, लुईस कैरोल, रोआल्ड डाहल, भारतेंदु हरिश्चंद्र, डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, विलियम शेक्सपियर, मुंशी प्रेमचंद, जयशंकर प्रसाद और जगदीश चंद्र माथुर जैसे प्रसिद्ध साहित्यकारों तथा उनकी कालजयी रचनाओं को विद्यार्थियों ने अत्यंत प्रभावशाली ढंग से जीवंत किया।

सांध्य समारोह में अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर विद्यालय के सम्मानित पूर्व प्रधानाचार्य, विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्यगण एवं विद्यालय के सम्मानित पूर्व शिक्षकगण भी उपस्थित रहे। उनकी गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह की शोभा बढ़ाई तथा विद्यालय की गौरवशाली यात्रा के प्रति उनके आत्मीय जुड़ाव को अभिव्यक्त किया।

विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. अनुपम जग्गा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए विद्यालय की पाँच दशक लंबी गौरवशाली यात्रा, उपलब्धियों और साहित्यिक-सांस्कृतिक योगदान पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर विद्यालय की स्वर्णिम यात्रा को दर्शाती स्वर्ण जयंती वीडियो तथा विद्यार्थियों, अभिभावकों और लेखकों की रचनाओं से सुसज्जित डिजिटल पुस्तक ‘द गोल्डन क्विल’ का लोकार्पण किया गया।

संध्या सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में ‘मणिकर्णिका से रानी लक्ष्मीबाई’ की शानदार प्रस्तुति ने दर्शकों में उत्साह भर दिया, वरिष्ठ विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत संस्कृत नाटक ‘अष्टावक्र’, भारत के प्रसिद्ध शास्त्रीय संगीव वादक मेहताब अली नियाजी एस आकाश एवं खुर्रम अली नियाजी ने बाँसुरी, सितार एवं तबले की शास्त्रीय युगलबंदी ने समाबांध दिया देशभक्ति से ओतप्रोत छोटे बच्चों की प्रस्तुति ‘वीर गाथा’ ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

प्रसिद्ध प्रेरक वक्ता पदमजीत सहरावत की प्रेरणादायी ‘टॉकशाला’ ने दर्शकदीर्घा में आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और दृढ़ संकल्प की भावना को प्रबल किया। उनके प्रेरक विचारों ने विद्यार्थियों को जीवन में चुनौतियों का सामना साहस और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ करने के लिए प्रेरित किया।

प्रधानाचार्य डॉ0 अनुपम जग्गा ने स्वर्ण अक्षर-2026 के दूसरे दिन सभी अतिथियों अभिभावकों प्रेस के सदस्यों को इस आयोजन के सफल सम्पादन एवं भव्यता प्रदान करने के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया उन्होंने समृद्ध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी की रचनात्मक ऊर्जा से जोड़ते हुए उनकी सृजनात्मक प्रतिभा की सराहना करते हुए बधाई दी। देर शाम तक चले इस कार्यक्रम में दर्शकों ने बड़ी संख्या में विद्यालय के साथ साथ लाईव प्रसारण द्वारा भी इस कार्यक्रम से जुड़ कर डीपीएस रानीपुर का उत्साहवर्धन किया । स्वर्णिम वर्ष के प्रथम आयोजन स्वर्ण अक्षर के इस तीन दिवसीय कार्यअध्याय कल (आज) सम्पन्न होगा तथा इस का प्रवाह वर्ष भर चलता रहेगा।

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