धानौरी पी.जी. कॉलेज द्वारा शिवालिक पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शैक्षिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

रुड़की। विद्यार्थियों में शिक्षा के प्रति जागरूकता, उच्च शिक्षा के अवसरों की जानकारी, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता एवं कौशल विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से धानौरी पी.जी. कॉलेज, धानौरी (हरिद्वार) द्वारा शिवालिक पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, ढंडेरा, लक्सर रोड, रुड़की में Outreach Educational Awareness Programme का सफल आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के माध्यम से विद्यालय के विद्यार्थियों को शिक्षा के महत्व, बदलते समय की आवश्यकताओं, आधुनिक तकनीक, जीवन में सफलता के अवसरों तथा आत्मनिर्भर बनने के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखते हुए उन्हें व्यावहारिक ज्ञान, नई संभावनाओं एवं अपने भविष्य के प्रति जागरूक बनाना रहा।

इस अवसर पर डॉ. अंकुर नेहरा ने “वैदिक गणित तथा हमारे जीवन में उसके अनुप्रयोग” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने वैदिक गणित की विभिन्न सरल एवं प्रभावशाली विधियों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि गणित हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न अंग है। वैदिक गणित के माध्यम से गणनाओं को सरल, तीव्र एवं रोचक बनाया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को गणित के प्रति रुचि विकसित करने तथा तार्किक एवं विश्लेषणात्मक सोच अपनाने के लिए प्रेरित किया।

इसके पश्चात डॉ. करिश्मा तोमर ने विद्यार्थियों को जीवन में निरंतर प्रगति, लक्ष्य निर्धारण एवं सफलता प्राप्त करने के विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास, निरंतर प्रयास एवं सही दिशा में मेहनत के महत्व को समझाया। साथ ही उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence – AI) के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए इसके वर्तमान उपयोग, भविष्य की संभावनाओं तथा शिक्षा एवं रोजगार के क्षेत्र में इसकी बढ़ती भूमिका से विद्यार्थियों को परिचित कराया।

इसी क्रम में सुश्री मोनिका रानी ने ड्राइंग एवं पेंटिंग के महत्व और जीवन में उनके व्यावहारिक अनुप्रयोग विषय पर विद्यार्थियों को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि रचनात्मक अभिव्यक्ति एवं कौशल विकास का एक महत्वपूर्ण साधन है। ड्राइंग एवं पेंटिंग के माध्यम से विद्यार्थी अपनी प्रतिभा को निखारकर इसे भविष्य में रोजगार, स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता के अवसरों में परिवर्तित कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी रुचि एवं रचनात्मक क्षमताओं को पहचानने और उन्हें विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साह एवं जिज्ञासा के साथ सहभागिता की तथा विभिन्न विषयों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त कीं। इस आयोजन ने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि सफलता के लिए पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ तकनीकी ज्ञान, तार्किक क्षमता, रचनात्मकता एवं व्यावहारिक कौशल का विकास भी अत्यंत आवश्यक है।

धानौरी पी.जी. कॉलेज, धानौरी द्वारा आयोजित इस प्रकार के आउटरीच कार्यक्रम शिक्षा संस्थानों और विद्यालयों के बीच शैक्षिक संवाद एवं सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के प्रति प्रेरित करने, उनकी प्रतिभा को पहचानने तथा उन्हें भविष्य की चुनौतियों एवं अवसरों के लिए तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है।

रिपोर्ट:डॉ. अंकुर नेहरा

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