हरिद्वार (कमल शर्मा)। दिल्ली के अशोक विहार स्थित गर्ग सदन में आयोजित संवर्धिनि (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का महिला आयाम) की राष्ट्रीय बैठक में उत्तराखंड से एंटी ड्रग्स कोऑर्डिनेटर डॉ. सुनीता विद्यार्थी ने प्रतिभाग किया। राष्ट्रीय स्तर की इस महत्वपूर्ण बैठक में देशभर से महिला कार्यकर्ताओं एवं प्रतिनिधियों ने सहभागिता करते हुए सामाजिक सरोकारों, महिला सशक्तिकरण तथा युवाओं को नशे की बढ़ती प्रवृत्ति से बचाने जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रमुख संचालिका आदरणीया श्रीमती शांता अक्का जी का पावन मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। उन्होंने महिलाओं की सामाजिक भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि परिवार और समाज को संस्कारवान एवं सशक्त बनाने में मातृशक्ति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। महिलाओं के नेतृत्व में सामाजिक जागरूकता के अभियानों को गति देकर नई पीढ़ी को सकारात्मक दिशा प्रदान की जा सकती है।
डॉ. सुनीता विद्यार्थी ने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखना केवल किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि परिवार, समाज और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सामूहिक प्रयास से ही नशामुक्त वातावरण का निर्माण संभव है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में एंटी ड्रग्स अभियान को जन-जागरूकता, संस्कार और युवा सहभागिता से और अधिक प्रभावी बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि संवर्धिनि की राष्ट्रीय बैठक में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आई महिला प्रतिनिधियों के अनुभवों और कार्यप्रणाली को जानने का अवसर मिला। इससे सामाजिक क्षेत्र में कार्य कर रही महिलाओं को नई ऊर्जा और दिशा मिलती है।
इस अवसर पर संवर्धिनी न्यास द्वारा ‘समाधान’ एनजीओ की अध्यक्षा, एडवोकेट रेनू डी. सिंह जी को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। लैंगिक समानता (Gender Equality) के क्षेत्र में उनके द्वारा किए जा रहे अभूतपूर्व एवं सराहनीय कार्यों की संवर्धिनी न्यास ने मुक्तकंठ से प्रशंसा की और उनके प्रति आभार व्यक्त किया।
बैठक में महिला शक्ति को समाज परिवर्तन का प्रभावी माध्यम बनाने, युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने तथा नशामुक्त एवं संस्कारवान समाज के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया।













