श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कपिल-देवहूति संवाद सहित कई दिव्य प्रसंगों का हुआ रसपान
हरिद्वार (कमल शर्मा)। पितृ पक्ष के पावन अवसर पर स्वर्गीय श्री शान्ती स्वरूप अग्रवाल, स्वर्गीय श्रीमती शान्ती देवी अग्रवाल एवं स्वर्गीय श्री विशन स्वरूप गर्ग की स्मृति में श्री भगवान धाम कवीर आश्रम, भूपतवाला में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन श्रद्धालु भक्ति और आध्यात्मिक भाव में सराबोर नजर आए। कथा व्यास आचार्य राघव जी महाराज ब्रजधाम वालों ने श्रीमद्भागवत के विभिन्न प्रसंगों का सुंदर एवं भावपूर्ण वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और सदाचार का संदेश दिया।
कथा के दौरान कपिल-देवहूति संवाद, शिव विवाह एवं भक्त प्रह्लाद चरित्र का मनोहारी वर्णन किया गया। भक्त प्रह्लाद की अटूट भक्ति और भगवान के प्रति उनकी निष्ठा का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। वहीं शिव विवाह प्रसंग के दौरान कथा पंडाल जयकारों से गूंज उठा।
इस अवसर पर शैलेंद्र अग्रवाल ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण मनुष्य को जीवन की वास्तविक दिशा दिखाता है। उन्होंने कहा कि “पितृ पक्ष में पितरों की स्मृति में आयोजित भागवत कथा में शामिल होना सौभाग्य की बात है। भगवान की भक्ति मनुष्य के जीवन में संस्कार, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है। भक्त प्रह्लाद का चरित्र हमें सिखाता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी भगवान के प्रति विश्वास और भक्ति कभी नहीं छोड़नी चाहिए।”
उन्होंने श्रद्धालुओं से कथा के आगामी आयोजनों में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्मलाभ लेने का आह्वान किया।
कथा का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक किया जा रहा है। आयोजकों ने श्रद्धालुओं से निर्धारित ड्रेस कोड में शामिल होने का आग्रह किया है। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।













