हरिद्वार (कमल शर्मा)। शिवालिक नगर पालिका क्षेत्र के न्यू सुभाषनगर कॉलोनी में वर्षों से चली आ रही जनसमस्याओं के समाधान की मांग को लेकर वरिष्ठ समाजसेवी किरण सिंह ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि करीब 25 हजार की आबादी वाली कॉलोनी में मूलभूत सुविधाओं का अभाव लंबे समय से बना हुआ है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।
क्षेत्रवासियों की ओर से सिटी मजिस्ट्रेट/एसडीएम हरिद्वार को सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि न्यू सुभाषनगर में आज तक सीवर लाइन की व्यवस्था नहीं हो सकी है। इसके चलते लोगों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं कॉलोनी के बीच से गुजर रही 33 हजार केवी हाईटेंशन विद्युत लाइन को भी गंभीर समस्या बताते हुए इसे हटाने की मांग की गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि हाईटेंशन लाइन के कारण पूर्व में दुर्घटनाएं हुई हैं और जानमाल का नुकसान भी हुआ है।
क्षेत्रवासियों ने करीब 25 वर्ष पुरानी पेयजल पाइपलाइन को भी बदलने की मांग उठाई है। उनका आरोप है कि पाइपलाइन जगह-जगह क्षतिग्रस्त होने के कारण घरों में दूषित पानी पहुंच रहा है, जिससे लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

वरिष्ठ समाजसेवी किरण सिंह ने कहा कि क्षेत्र की समस्याएं नई नहीं हैं, बल्कि लंबे समय से प्रशासन और संबंधित विभागों के संज्ञान में हैं। उन्होंने कहा कि जब तक सीवर लाइन, हाईटेंशन लाइन और पेयजल व्यवस्था जैसी मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक क्षेत्रवासियों की परेशानी दूर नहीं होगी। उन्होंने प्रशासन से तत्काल मौके पर निरीक्षण कर ठोस कार्ययोजना बनाने की मांग की।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता वरुण बालियान ने कहा कि सुभाषनगर की समस्याएं हजारों लोगों के दैनिक जीवन से जुड़ी हैं। सीवर व्यवस्था का अभाव, आबादी के बीच हाईटेंशन लाइन और जर्जर पेयजल पाइपलाइन गंभीर जनहित के विषय हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मामले को केवल ज्ञापन तक सीमित न रखा जाए, बल्कि संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश देकर क्षेत्रवासियों को राहत दी जाए।
क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा। भूख हड़ताल सुभाषनगर पानी की टंकी के पास वार्ड नंबर बी-11 में की जा रही है। क्षेत्रवासियों ने जनसमस्याओं के समाधान के लिए सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों से भी सहयोग की अपील की है।













