हरिद्वार(कमल शर्मा)8 सितम्बर। दिल्ली पब्लिक स्कूल, रानीपुर में स्वर्ण जयंती समारोह के अंतर्गत आयोजित ‘स्वर्ण अक्षर 2026’ के प्रथम दिवस ने साहित्य, संस्कृति, संगीत, नृत्य और रंगमंच के अद्भुत संगम से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। पाँच दशकों की गौरवशाली यात्रा के 50वें वर्ष में प्रवेेश का उत्सव मनाते हुए विद्यालय परिसर दिनभर उत्साह और उल्लास से सराबोर रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातःकाल पुस्तक मेले के साथ हुआ। जूनियर विंग में आयोजित इस मेले में विद्यार्थियों, साहित्य प्रेमियों एवं अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कहानियों, साहसिक साहित्य, जीवनियों तथा विभिन्न विषयों की पुस्तकों के आकर्षक संग्रह ने विद्यार्थियों को ज्ञान और कल्पना की नई दुनिया से परिचित कराया। यह आयोजन पठन-पाठन, जिज्ञासा और साहित्य के प्रति रुचि को प्रोत्साहित करने का सशक्त माध्यम बना।

संध्या होते ही विद्यालय परिसर स्वर्ण जयंती वर्ष में प्रवेश के साथ समारोह की भव्यता में रंग गया। राष्ट्रगीत की भावपूर्ण प्रस्तुति के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, जिसने वातावरण को देशभक्ति और गौरव की भावना से भर दिया। समारोह में मुख्य अतिथि डीपीएस सोसाइटी, नई दिल्ली के चेयरमैन श्री वी. के. शुंगलू उपस्थित रहे।
विशिष्ट अतिथियों में पुलिस महानिदेशकदृकारागार श्री अभिनव सिंह, उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री श्री प्रदीप बत्रा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री नरेंद्र दत्त, जिलाधिकारी श्री मयूर दीक्षित, बीएचईएल के कार्यपालक निदेशक श्री रंजन कुमार सहित अनेक प्रशासनिक, न्यायिक एवं सामाजिक क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तित्व उपस्थित रहे।

अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया। इसके पश्चात पारंपरिक दीप प्रज्वलन समारोह आयोजित हुआ। दीप प्रज्वलन को ज्ञान, बुद्धिमत्ता और आशा के प्रकाश का प्रतीक बताते हुए समारोह का शुभारंभ मंगलमय वातावरण में किया गया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत और मनमोहक वाद्यवृंद प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया। विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. अनुपम जग्गा ने अपने स्वागत संबोधन में डीपीएस रानीपुर की पाँच दशकों की गौरवशाली यात्रा, उपलब्धियों और उत्कृष्टता के प्रति विद्यालय की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर स्वर्ण जयंती से संबंधित एक विशेष वीडियो प्रस्तुति के माध्यम से विद्यालय की स्मृतियों, उपलब्धियों और गौरवशाली विरासत को प्रदर्शित किया गया।
समारोह का एक विशेष आकर्षण विद्यार्थियों द्वारा रचित साहित्यिक कृतियों के संग्रह का विमोचन रहा। महान साहित्यकार रस्किन बॉन्ड को समर्पित यह पुस्तक विद्यार्थियों की साहित्यिक प्रतिभा और प्रकृति के प्रति उनके प्रेम को अभिव्यक्त करती है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में प्राथमिक विंग के विद्यार्थियों ने भारतीय शास्त्रीय नृत्य की विविध शैलियों पर आधारित आकर्षक प्रस्तुति दी। इसके बाद प्री-प्राइमरी के नन्हे कलाकारों ने ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना पर आधारित रंगारंग नृत्य के माध्यम से विश्व-बंधुत्व, प्रेम और एकता का संदेश दिया।
मुख्यअतिथि ने श्री वी के शुंगलू , डीजीपी अभिनव कुमार, डीएम हरिद्वार मयूर दिक्षित ने बच्चों एवं विद्यालय को इस ऐतिहासिक 50वें वर्ष में प्रवेश की बधाई दी एवं कहा कि डीपीएस रानीपुर का इतिहास वास्तव में स्वर्णिम रहा है और यहां के विद्यार्थी पूरी दुनिया में डीपीएस रानीपुर का परचम लहरा रहे हैं। उन्होंन बच्चों के द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यकमों की प्रशंसा करते हुए उनका उत्साह वर्धन कियाए उन्होने बीएचईएल की भी प्रशंसा करते हुए उन्हे सराहा।
सीनियर विंग के विद्यार्थियों द्वारा संस्कृत नाटक ‘अष्टावक्र’ की प्रस्तुति ने दर्शकों को विशेष रूप से प्रभावित किया। नाटक के माध्यम से श्रद्धा, समर्पण और परम सत्ता के प्रति विश्वास का संदेश दिया गया। संस्कृत भाषा के प्रभावशाली प्रयोग और विद्यार्थियों के सशक्त अभिनय ने प्रस्तुति को अत्यंत प्रभावपूर्ण बना दिया।
प्रसिद्ध प्रेरक वक्ता श्री पदमजीत सेहरावत के प्रेरणादायी संबोधन ने विद्यार्थियों को निडर होकर सपने देखने, चुनौतियों को स्वीकार करने और उत्कृष्टता की ओर निरंतर अग्रसर रहने का संदेश दिया। इसके पश्चात मिडिल विंग के विद्यार्थियों ने ‘द्रौपदी रू नवरस स्वरूपा’ के माध्यम से महाभारत की द्रौपदी के जीवन के विविध भावों को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ। पूरे समारोह ने डीपीएस रानीपुर की गौरवशाली पचास वर्षीय यात्रा, उसकी सांस्कृतिक समृद्धि और विद्यार्थियों की बहुआयामी प्रतिभा को एक भव्य मंच प्रदान किया। स्वर्णाेत्सव का प्रथम दिवस उपस्थित जनसमूह के लिए अविस्मरणीय अनुभव बन गया।













