हरिद्वार में “ज्ञान निकेतन” का भव्य लोकार्पण, संत-महापुरुषों के आशीर्वचन से गूंजा आध्यात्मिक वातावरण

कमल शर्मा (हरिहर समाचार)

हरिद्वार। खड़खड़ी स्थित हील बाइपास रोड पर श्री साहेब धाम के पीछे नवनिर्मित “ज्ञान निकेतन” का भव्य लोकार्पण समारोह श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के बीच संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर प्रातः स्मरणीय मंडलेश्वर श्री परमात्म देव जी महाराज तथा कथा परमात्मा स्वरूप महंत ज्ञानानंद महाराज की पावन कृपा से यह मंगलमय आयोजन सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में अनेक संत-महापुरुषों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनके आशीर्वाद और पावन वचनों से समूचा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
लोकार्पण समारोह के दौरान संत-महापुरुषों ने अपने अमृतमय प्रवचनों में ज्ञान, भक्ति और सेवा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ज्ञान ही वह दिव्य प्रकाश है, जो मनुष्य के जीवन से अज्ञानरूपी अंधकार को दूर कर उसे सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि ऐसे पावन स्थल, जहां से ज्ञान, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना का प्रसार हो, समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। “ज्ञान निकेतन” भी इसी उद्देश्य को लेकर स्थापित किया गया है, जहां से आने वाली पीढ़ियों को धर्म, संस्कृति और सदाचार की प्रेरणा मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान विधिवत पूजा-अर्चना और मंत्रोच्चार के साथ “ज्ञान निकेतन” का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर उपस्थित संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं ने भगवान का स्मरण करते हुए इस पवित्र कार्य के सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त की। संतों के श्रीमुख से निकले पावन उपदेशों को सुनकर भक्तगण भावविभोर हो उठे और सभी ने इस दिव्य क्षण को अपने जीवन का सौभाग्य माना।
समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, भक्तगण और क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। भजन-कीर्तन, सत्संग और संतों के आशीर्वचन से पूरा वातावरण आध्यात्मिक आनंद से सराबोर हो गया।
इस अवसर पर महंत श्यामसुंदर महाराज ने कहा कि समाज में ज्ञान, संस्कार और आध्यात्मिक मूल्यों का प्रसार अत्यंत आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढ़ियां धर्म और संस्कृति से जुड़ी रहें। “ज्ञान निकेतन” का यह लोकार्पण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो समाज में ज्ञान, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना का प्रकाश फैलाने का कार्य करेगा।
कार्यक्रम में महंत ज्ञानानंद शास्त्री महाराज, महंत सुतीक्ष्ण मुनि महाराज, महंत रवि देव महाराज, महंत प्रेमानंद महाराज, साध्वी तृप्ति महाराज, महान शांति प्रकाश महाराज, महामंडलेश्वर श्री परमात्मदेव जी महाराज, श्री गणेश शंकर विद्यार्थी, महंत जगजीत सिंह महाराज तथा श्री विनोद शर्मा सहित अनेक संत-महात्मा और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
अंत में श्री गौरीशंकर पांडे जी ने सभी संत-महापुरुषों और उपस्थित श्रद्धालुओं का तहे दिल से हार्दिक अभिनंदन व सत्कार किया। संतों के दिव्य आशीर्वाद और श्रद्धालुओं की सहभागिता के बीच “ज्ञान निकेतन” का यह लोकार्पण समारोह अत्यंत भव्य, मंगलमय और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसने सभी के हृदय में श्रद्धा, भक्ति और आनंद की अमिट छाप छोड़ दी।
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