हरिद्वार (कमल शर्मा)। श्री आनन्द धर्मशाला ट्रस्ट, क्षत्रिय कलोता समाज, हरिद्वार में आयोजित श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का उल्लासपूर्ण आयोजन किया गया। कथा पंडाल में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की दिव्य झांकी, भजन-कीर्तन और जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य उत्सव को बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया।

कथा व्यास डॉ. ललित चौहान ने कहा कि जब-जब धर्म की हानि और अधर्म की वृद्धि होती है, तब-तब भगवान विभिन्न अवतारों के माध्यम से पृथ्वी पर अवतरित होकर धर्म की स्थापना करते हैं। उन्होंने भगवान वामन अवतार की महिमा का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि भगवान ने राजा बलि के अहंकार का हरण कर उन्हें मोक्ष का मार्ग प्रदान किया। इसके साथ ही भगवान श्रीकृष्ण की मनमोहक बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण का संपूर्ण जीवन मानवता को प्रेम, धर्म और कर्तव्य का संदेश देता है।

श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर श्रद्धालुओं ने नंदोत्सव मनाते हुए पुष्पवर्षा की, भजनों पर भक्त भावविभोर होकर झूम उठे तथा पूरा कथा पंडाल “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से गूंज उठा।

इस अवसर पर यजमान सतीश पटेल, विशाल पटेल एवं समस्त पटेल मोरी परिवार ने सभी श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए कथा श्रवण का पुण्य लाभ लेने का आह्वान किया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा में उपस्थित होकर धर्म, भक्ति और संस्कारों की अमृतधारा का रसपान किया। कार्यक्रम का समापन आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ।





