हरिद्वार, 26 जून।
पिछले 506 वर्षों से परम पूज्य, नित्य लीलालीन श्री श्री 1008 श्री मुनि हरमिलापी जी महाराज जी के पावन आशीर्वाद से संचालित श्री हरमिलाप मिशन समय-समय पर विभिन्न सामाजिक एवं जनकल्याणकारी सेवा कार्यों का निरंतर संचालन करता आ रहा है। मिशन द्वारा वर्षभर निःस्वार्थ भाव से निःशुल्क चाय वितरण सहित अनेक सेवा गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं।
इसी सेवा परंपरा को आगे बढ़ाते हुए श्री हरमिलाप मिशन के वर्तमान परमाध्यक्ष परम पूज्य श्री मदनमोहन हरमिलापी जी महाराज, उनकी धर्मपत्नी सुश्री संगीता हरमिलापी जी तथा उनके सुपुत्र श्री ऋषभ हरमिलापी जी के मार्गदर्शन, प्रेरणा एवं सान्निध्य में मिशन निरंतर मानव सेवा के कार्यों में समर्पित भाव से अग्रसर है।
इसी क्रम में निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर प्रातः 9:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक छबील एवं फल प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया। तपती गर्मी में हजारों श्रद्धालुओं, यात्रियों एवं राहगीरों ने शीतल मीठे जल एवं फल प्रसाद ग्रहण कर राहत का अनुभव किया।
सनातन धर्म में निर्जला एकादशी का विशेष महत्व है। इस दिन जलदान, अन्नदान एवं सेवा का पुण्य अत्यंत फलदायी माना गया है। प्यासे को जल पिलाना और मानवता की निःस्वार्थ सेवा करना श्रेष्ठतम धर्म माना गया है। इसी सेवा भावना को साकार करते हुए श्री हरमिलाप मिशन ने समाज के प्रति अपने दायित्व का सुंदर निर्वहन किया।
मिशन के पदाधिकारियों एवं समस्त सेवादारों ने पूरे आयोजन को अत्यंत श्रद्धा, अनुशासन एवं सेवा-भाव से सफलतापूर्वक संपन्न कराया। उपस्थित श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों ने मिशन के इस सेवा कार्य की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।





