फर्जी हॉलमार्किंग पर बीआईएस की बड़ी कार्रवाई, हरिद्वार में दो प्रतिष्ठानों पर छापेमारी
देहरादून, 09 जुलाई 2026: भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), देहरादून शाखा कार्यालय ने फर्जी हॉलमार्किंग संबंधी प्राप्त सूचना पर हरिद्वार के ज्वालापुर क्षेत्र में व्यापक प्रवर्तन अभियान चलाते हुए दो प्रतिष्ठानों पर तलाशी एवं जांच (Search & Investigation) की।
बीआईएस की टीम ने ज्वालापुर स्थित जहांगीर एवं बादशाह नामक दो आभूषण प्रतिष्ठानों पर विस्तृत जांच की। कार्रवाई के दौरान हॉलमार्किंग से संबंधित उपकरणों, अभिलेखों एवं अन्य साक्ष्यों का गहन परीक्षण किया गया। जांच के दौरान एक कटिंग मशीन भी मिली, जिसे आगे की विस्तृत जांच एवं तकनीकी परीक्षण के लिए बीआईएस द्वारा निगरानी (Observation) में रखा गया है। मामले की जांच भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम, 2016 एवं संबंधित नियमों के अंतर्गत जारी है तथा जांच पूर्ण होने के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इस अवसर पर बीआईएस, देहरादून के संयुक्त निदेशक श्री सचिन चौधरी ने कहा कि बीआईएस देश में हॉलमार्किंग प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने तथा उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी ज्वैलर्स से आग्रह किया कि वे केवल बीआईएस द्वारा मान्यता प्राप्त (Authorised) हॉलमार्किंग केंद्रों से ही स्वर्ण आभूषणों की हॉलमार्किंग कराएं तथा सभी वैधानिक प्रावधानों का पूर्णतः पालन करें।
उन्होंने बताया कि 1 जून 2026 से BIS Care App में एक महत्वपूर्ण नई सुविधा जोड़ी गई है। अब उपभोक्ता किसी भी स्वर्ण आभूषण के 6 अंकों वाले HUID को ऐप में सत्यापित करने पर उस आभूषण का फोटो एवं वजन (Weight) भी देख सकते हैं। इससे यह सुनिश्चित करना और अधिक आसान हो गया है कि खरीदा जा रहा आभूषण वही है जिसके लिए HUID जारी किया गया है।
श्री चौधरी ने सभी उपभोक्ताओं से अपील की कि स्वर्ण आभूषण खरीदने से पहले बीआईएस केयर ऐप पर 6 अंकों वाले HUID का सत्यापन अवश्य करें तथा ऐप पर प्रदर्शित फोटो एवं वजन का आभूषण से मिलान करें। यदि किसी प्रकार की असंगति दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल बीआईएस को दें। यह सरल प्रक्रिया फर्जी हॉलमार्किंग एवं उपभोक्ता धोखाधड़ी को रोकने में अत्यंत प्रभावी सिद्ध होगी।
भारतीय मानक ब्यूरो ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा तथा हॉलमार्किंग व्यवस्था में पारदर्शिता एवं विश्वास बनाए रखने के लिए ऐसे प्रवर्तन अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेंगे।





