हरिद्वार (कमल शर्मा)13/06/2026 शनिवार बेनीपुर प्रखंड के सझुआर ग्राम स्थित मातृसदन आश्रम में गंगापुत्र स्वामी निगमानंद सरस्वती जी की पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई। स्थानीय श्रद्धालु व भक्तजन ने उनके चित्र पर माल्यार्पण किया और पुष्पांजलि दी। इस दौरान प्रकृति पर्यावरण रक्षा एवं भ्रष्टाचार उन्मूलन के लिए सदियों से चली रही संघर्ष की लड़ाई पर यहां के संत और ब्रह्मचारियों द्वारा श्रद्धालुओं के समक्ष प्रकृति के लिए आत्मनिष्ठ होने की बात कही गईl

और
“उद्वै प्रियो गृहपतिस्तं नु दध्महे मन्द्रं धनस्य सातिनम्।ऋतावानं विचेतसं पुरो दध्महे अग्रगाम्॥
(ऋग्वेद ८.८४.१)
सूक्त को जीवंत व अनुसरण करते हुए संकल्पित होकर कहा कि
जो सृष्टि के प्राकृतिक नियमों एवं पर्यावरण की रक्षा के लिए आगे बढ़कर अपने प्राणों की आहुति दे देता है, वही सच्चा वीर है! माँ गंगा की पवित्रता और प्रकृति की अस्मत को बचाने के लिए हमारे एक युवा ब्रह्मचारी ने भूखे-प्यासे रहकर अपने शरीर का मांस गला दिया! उनका यह बलिदान कोई सामान्य मृत्यु नहीं है, यह सोई हुई मानवता को जगाने के लिए किया गया महायज्ञ है!” और आगे भी हम धर्म न्याय सत्य पर्यावरण संरक्षण मां गंगा का संरक्षण एवं भ्रष्टाचार उन्मूलन के लिए आजीवन इस आश्रम के संन्यासी,प्राणों के आहुति के लिए तैयार हैं।

इस दौरान ब्रह्मचारी दयानंद स्वामी सहित ब्रह्मचारी शिवम झा एवं श्रद्धालु हिमांशु, सत्यनारायण यादव,बिट्टू यादव,संजय यादव,सुरेंद्र झा,रामनरेश चौधरी,रामानंद झा,आयुष कुमार झा,लक्ष्मी ठाकुर,राम बाबू झा,अंजनी कुमार झा,योगेंद्र सिंह,कौशलेन्द्र झा,विजय झा,नारायण झा,अरुण चौधरी,ठाकुर वंशीविभूषित,मुकेश झा,चौधरी एन.सी.राय,माता जी शशि राय(बाथो/लहरियासराय),रवींद्र चौधरी जी,अंजनी झा जी सभी गणमान्य उपस्थित रहें।




