भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में उतारकर मनाएं दीपावली, संतों ने दिया प्रेम, सद्भाव और धर्म का संदेश
पंचमुखी महादेव मंदिर में श्रीराम कथा के दौरान रामायणी दास महाराज ने दीपावली पर उत्तराखंडवासियों को दी शुभकामनाएं, संतों ने भी रखे अपने विचार
ऋषिकेश (कमल शर्मा)। पंचमुखी महादेव मंदिर में आज भगवान श्रीराम की पावन कथा के दौरान भक्ति और आध्यात्मिकता की अविरल धारा प्रवाहित हुई। मंदिर के अध्यक्ष महेंद्र रामायणी दास महाराज के श्रीमुख से श्रद्धालुओं ने श्रीराम कथा का रसपान किया। इस दौरान महाराज श्री ने भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े सुंदर एवं प्रेरणादायक प्रसंगों का वर्णन करते हुए धर्म, मर्यादा, त्याग, प्रेम और आदर्श जीवन का संदेश दिया।
दीपावली पर्व की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए महेंद्र रामायणी दास महाराज ने कहा कि दीपावली केवल दीप जलाने और खुशियां मनाने का पर्व नहीं है, बल्कि यह अंधकार पर प्रकाश, असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन की खुशी में मनाया जाने वाला यह पर्व हमें उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने की प्रेरणा देता है।
महाराज श्री ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को दीपावली के अवसर पर अपने मन के भीतर व्याप्त अहंकार, ईर्ष्या और द्वेष रूपी अंधकार को समाप्त कर प्रेम, करुणा और सद्भाव का दीप प्रज्वलित करना चाहिए। उन्होंने समस्त उत्तराखंडवासियों एवं देशवासियों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए सभी के सुख, समृद्धि, शांति और मंगलमय जीवन की कामना की।
इस अवसर पर उपस्थित अन्य संत-महात्माओं ने भी दीपावली के आध्यात्मिक महत्व पर अपने विचार रखते हुए कहा कि सनातन संस्कृति के पर्व समाज में एकता, भाईचारे और धार्मिक चेतना को मजबूत करते हैं। संतों ने सभी से दीपावली को श्रद्धा, उल्लास और आपसी प्रेम के साथ मनाने का आह्वान किया।
श्रीराम कथा के दौरान भक्तिमय वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के जयकारों के साथ कथा का श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।













