श्रद्धा, आस्था और सनातन परंपरा के संदेश के साथ रवाना हुई जूना अखाड़े की पवित्र छड़ी यात्रा, हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा माया देवी प्रांगण

जूना अखाड़े की पवित्र छड़ी यात्रा रवाना

महामंडलेश्वर स्वामी वीरेंद्रानंद गिरि महाराज के नेतृत्व में 70 संतों का जत्था उत्तराखंड के चारों धाम सहित पौराणिक तीर्थों की करेगा यात्रा


सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार, आध्यात्मिक चेतना और राष्ट्रीय एकता का संदेश देगी पावन छड़ी यात्रा: आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी महाराज

हरिद्वार (कमल शर्मा)। धर्मनगरी हरिद्वार में बुधवार को पौराणिक सिद्धपीठ मायादेवी मंदिर से जूना अखाड़े की पवित्र छड़ी यात्रा वैदिक मंत्रोच्चार एवं धार्मिक अनुष्ठानों के बीच रवाना हुई। श्रीमहंत हरि गिरि महाराज के सानिध्य में संत-महात्माओं ने विधिवत पूजा-अर्चना के बाद पावन छड़ी को उत्तराखंड की धार्मिक यात्रा के लिए प्रस्थान कराया। इस दौरान हर-हर महादेव के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा।
छड़ी यात्रा के शुभारंभ अवसर पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, कुंभ मेला अधिकारी सोनिका और अपर मेला अधिकारी दयानंद सरस्वती भी उपस्थित रहे। हिमालय पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी वीरेंद्रानंद गिरि महाराज के नेतृत्व में लगभग 70 साधु-संतों, नागा संन्यासियों और श्रद्धालु भक्तों का जत्था इस पावन यात्रा पर रवाना हुआ।
चारों धाम सहित पौराणिक तीर्थों के दर्शन करेगी छड़ी
महामंडलेश्वर स्वामी वीरेंद्रानंद गिरि महाराज के नेतृत्व में निकलने वाली यह पवित्र छड़ी यात्रा देवभूमि उत्तराखंड के चारों धाम—यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ के दर्शन करेगी। इसके साथ ही केदारखंड और मानसखंड के विभिन्न पौराणिक तीर्थों, सिद्धपीठों, शिवालयों एवं शक्तिपीठों में भी छड़ी पूजन किया जाएगा। यात्रा में ओम पर्वत और आदि कैलाश के दर्शन भी शामिल हैं।
यह यात्रा केवल धार्मिक परंपरा का निर्वहन ही नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति के संरक्षण, धर्म के प्रचार-प्रसार, आध्यात्मिक चेतना के जागरण और राष्ट्रीय एकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम भी बनेगी। यात्रा के दौरान विभिन्न तीर्थस्थलों पर धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-अर्चना के माध्यम से प्राचीन आध्यात्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाया जाएगा।
संत-महंतों की उपस्थिति में हुआ शुभारंभ
पवित्र छड़ी यात्रा के शुभारंभ पर जूना अखाड़े के वरिष्ठ सभापति श्रीमहंत प्रेम गिरि महाराज, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्रीमहंत महेश पुरी, श्रीमहंत केदारपुरी महाराज, महामंत्री श्रीमहंत शैलेंद्र गिरि और श्रीमहंत रामेश्वर गिरि सहित अनेक संत-महंत उपस्थित रहे। संतों ने पावन छड़ी की पूजा-अर्चना कर यात्रा की सफलता और श्रद्धालुओं के कल्याण की कामना की।
इस अवसर पर जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता एवं सचिव श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि पवित्र छड़ी यात्रा सनातन धर्म की प्राचीन और गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है। ऐसी यात्राएं देश की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के साथ ही समाज में आध्यात्मिक चेतना और एकता की भावना को मजबूत करती हैं।
उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के पौराणिक तीर्थों की यात्रा के माध्यम से सनातन धर्म की महिमा, भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों का व्यापक प्रचार-प्रसार होगा। जूना अखाड़े की यह पवित्र छड़ी यात्रा श्रद्धा, आस्था और सनातन परंपरा के संदेश के साथ उत्तराखंड के विभिन्न तीर्थस्थलों की ओर अग्रसर हुई।

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