आईआईटी रुड़की और इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड ने स्वदेशी रक्षा अनुसंधान एवं विकास को आगे बढ़ाने के लिए हाथ मिलाया

  • साझेदारी स्वदेशी नवाचार के लिए आईआईटी रुड़की की अनुसंधान क्षमताओं और इंडिया ऑप्टेल की रक्षा प्रौद्योगिकी विशेषज्ञता का लाभ उठाएगी

रुड़की/देहरादून, 5 अक्टूबर, 2026: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (आईआईटी रुड़की) और रक्षा उत्पादन विभाग, रक्षा मंत्रालय के अधीन भारत सरकार के उद्यम इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड (आईओएल) ने रक्षा अनुसंधान, तकनीकी नवाचार, क्षमता निर्माण और उद्योग–शैक्षणिक सहभागिता में सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए देहरादून में एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।

यह समझौता ज्ञापन नवाचार, स्वदेशीकरण, प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, अनुसंधान और पारस्परिक हित की अन्य गतिविधियों में सहयोग के लिए एक रूपरेखा प्रदान करता है, जिसके अंतर्गत आईआईटी रुड़की की शैक्षणिक और बहुविषयक अनुसंधान क्षमताओं को आईओएल की रक्षा प्रौद्योगिकियों में विशेषज्ञता के साथ जोड़ा जाएगा।

प्रो. कमल किशोर पंत, निदेशक, आईआईटी रुड़की, ने कहा, “यह सहयोग शैक्षणिक अनुसंधान को भारत की रणनीतिक रक्षा आवश्यकताओं से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आईआईटी रुड़की की बहुविषयक अनुसंधान क्षमताएँ, इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड की विशेषज्ञता के साथ मिलकर, संयुक्त अनुसंधान, छात्र सहभागिता और प्रौद्योगिकी विकास के लिए सार्थक अवसर सृजित कर सकती हैं। हम स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं में योगदान देने और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के विजन को सुदृढ़ करने की दिशा में कार्य करने के लिए उत्सुक हैं।”

श्रीमती शर्मिष्ठा कौल शर्मा, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड, ने कहा, “आईआईटी रुड़की के साथ हमारी साझेदारी स्वदेशी अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी आत्मनिर्भरता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह रणनीतिक सहयोग महत्वपूर्ण रक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने, उभरती प्रौद्योगिकियों का अन्वेषण करने और भारतीय सशस्त्र बलों के लिए भविष्य के लिए तैयार समाधान विकसित करने हेतु अग्रणी शैक्षणिक संस्थानों के साथ सहभागिता को सुदृढ़ करेगा।”

इस सहयोग का उद्देश्य आईआईटी रुड़की की शैक्षणिक विशेषज्ञता, अनुसंधान अवसंरचना और बहुविषयक क्षमताओं के साथ आईओएल की भारतीय सशस्त्र बलों और अर्धसैनिक बलों के लिए इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सेंसर प्रणालियों, हथियार दृष्टि प्रणालियों, संचार उपकरणों और रक्षा ऑप्टो-इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों में विशेषज्ञता का लाभ उठाना है।
समझौता ज्ञापन पर आईआईटी रुड़की की ओर से प्रो. विवेक कुमार मलिक, डीन, प्रायोजित अनुसंधान एवं औद्योगिक परामर्श (SRIC) और इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड की ओर से श्री नितेश गोयल, मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (CTO) ने हस्ताक्षर किए।

हस्ताक्षर समारोह में इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड की ओर से श्री विशाल गर्ग, निदेशक (वित्त) और श्री शंभु शर्मा, निदेशक (संचालन); आईआईटी रुड़की की ओर से प्रो. तरुण शर्मा, एसोसिएट डीन, नवाचार एवं इनक्यूबेशन तथा प्रो. संजीव मनहास, प्रमुख, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियांत्रिकी विभाग, सहित दोनों संस्थानों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

इस साझेदारी के माध्यम से आईआईटी रुड़की और इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड एक सुदृढ़ रक्षा अनुसंधान एवं नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र के विकास में योगदान देने तथा अग्रणी शैक्षणिक संस्थानों और भारत के रक्षा विनिर्माण क्षेत्र के बीच सहभागिता को मजबूत करने का प्रयास करेंगे।

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