राष्ट्रीय कार्यसमिति बैठक में सदस्यता विस्तार, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन पर लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय
हरिद्वार (कमल शर्मा)। अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यसमिति बैठक रविवार को सप्त सरोवर रोड स्थित अखण्ड दया धाम आश्रम, मोतीचूर, हरिद्वार में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। देशभर से पहुंचे राष्ट्रीय पदाधिकारियों एवं कार्यसमिति सदस्यों ने संगठन को और अधिक मजबूत एवं व्यापक बनाने के साथ समाज के सर्वांगीण विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर गहन मंथन किया। बैठक में सदस्यता विस्तार, शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन, युवाओं एवं महिलाओं को नेतृत्व के अवसर देने तथा संगठन का विस्तार जिला स्तर तक करने को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक के समापन अवसर पर संगठन के संस्थापक श्री प्रदीप मित्तल ने कहा कि अग्रवाल समाज की सबसे बड़ी ताकत उसकी एकजुटता, सेवा भावना और सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल समाज को एक मंच पर जोड़ना नहीं, बल्कि समाज की नई पीढ़ी को शिक्षा, रोजगार, व्यवसाय और सामाजिक नेतृत्व के क्षेत्र में आगे बढ़ाना भी है। संगठन की गतिविधियों को जमीनी स्तर तक पहुंचाकर अधिक से अधिक अग्र बंधुओं को इससे जोड़ने का संकल्प लिया गया है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री कुलभूषण मित्तल ने कहा कि संगठन को मजबूत बनाने के लिए सदस्यता अभियान को व्यापक रूप दिया जा रहा है। 25 सितंबर 2026 से शुरू हुई ऑनलाइन सदस्यता के माध्यम से देशभर में समाज के लोगों को संगठन से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेशों में संगठन की इकाइयों को सक्रिय करने, जिला स्तर तक कार्यसमितियां गठित करने और कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देने पर विशेष जोर रहेगा। प्रतिभाशाली युवाओं, महिलाओं और उद्यमियों को आगे लाकर उन्हें नेतृत्व के अवसर उपलब्ध कराना संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल है।
राष्ट्रीय महामंत्री श्री राजेश भारूका ने कहा कि बैठक में संगठन की आगामी कार्ययोजना को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। अग्रवाल परिवारों की जानकारी को एक मंच पर उपलब्ध कराने, अग्रसेन-अग्रोहा-अग्रवाल फाउंडेशन से अधिक से अधिक सदस्यों को जोड़ने तथा समाज और संगठन के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले सदस्यों को सम्मानित करने की योजनाओं पर सहमति बनी। युवाओं के लिए रोजगार, करियर काउंसलिंग, युवक-युवती परिचय सम्मेलन और वैवाहिक वेबसाइट जैसी योजनाओं को प्रभावी बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
बैठक में शिक्षा को समाज की प्रगति का आधार मानते हुए विद्यार्थियों को प्रतियोगी एवं प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी के लिए काउंसलिंग और कोचिंग उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। वहीं बेरोजगार युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए उद्योगपतियों की डायरेक्टरी तैयार करने तथा उद्योग एवं व्यापार जगत के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने की योजना बनाई गई।
कार्यसमिति में सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन, विवाह संबंधी विवादों के समाधान के लिए काउंसलिंग, युवक-युवतियों के परिचय सम्मेलन, प्रशासनिक अधिकारियों के सम्मान, युवाओं के करियर मार्गदर्शन और सामाजिक सेवा से जुड़े विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। संगठन ने राजनीतिक, उद्योग एवं व्यापार, सीए, लीगल, चिकित्सा, इंजीनियरिंग एवं आर्किटेक्ट, प्रशासनिक अधिकारी, सांस्कृतिक, खेलकूद, सदस्यता, कुरीति उन्मूलन और कंप्यूटर प्रशिक्षण सहित विभिन्न समितियों के माध्यम से समाज के अलग-अलग क्षेत्रों में प्रभावी कार्य करने की रूपरेखा तैयार की।
बैठक में 14 नवंबर को दिल्ली में प्रस्तावित महाराजा अग्रसेन ग्लोबल अवार्ड एवं अग्र अलंकरण समारोह-2026, राष्ट्रीय निर्देशिका के प्रकाशन, कार्यकर्ता प्रशिक्षण कार्यशाला, राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न समितियों के गठन तथा आगामी राष्ट्रीय अधिवेशन एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक के स्थान और तिथि को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया।
राष्ट्रीय पदाधिकारियों एवं कार्यसमिति सदस्यों की जिम्मेदारियों को भी स्पष्ट करते हुए प्रदेशों का दौरा करने, स्थानीय कार्यक्रमों में सहयोग एवं मार्गदर्शन देने, सदस्यता अभियान को गति देने, प्रदेश की संस्थाओं को संगठन से जोड़ने, केंद्रीय योजनाओं को प्रदेशों में लागू कराने तथा जिला इकाइयों के गठन में सहयोग करने का निर्णय लिया गया।
बैठक के समापन पर पदाधिकारियों ने संकल्प लिया कि संगठन की एकजुटता को समाज की शक्ति और सेवा को समाज की पहचान बनाया जाएगा। शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, सामाजिक समरसता और युवा नेतृत्व के माध्यम से अग्रवाल समाज को नई दिशा देने के लिए संगठन अपनी गतिविधियों को देश के प्रत्येक क्षेत्र और जिला स्तर तक पहुंचाएगा।













