गोवर्धन लीला से कृष्ण-रुक्मिणी विवाह तक गूंजा भक्ति का उल्लास
फलोदी (राजस्थान)। श्राद्ध पक्ष में पितरों की शांति, सर्वसंकट निवारण एवं विश्वकल्याण की भावना से ईश्वर बाग स्थित इच्छापूर्ण काल भैरवनाथ जी मंदिर के प्रांगण में परम श्रद्धेय आदरणीय गुरु मां संत तारादेवी जी के श्रीमुख से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ में भक्ति और आस्था का वातावरण बना हुआ है। कथा के छठवें दिन भगवान श्रीकृष्ण की विविध लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया गया।
कथा में मुख्य रूप से गोवर्धन लीला, महारास, कंस वध तथा भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी विवाह के प्रसंगों का वर्णन हुआ। प्रसंगों के दौरान श्रद्धालु भक्ति में भावविभोर नजर आए। कथा स्थल पर भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा।
नवरतन दवे ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन को संस्कार, सदाचार और आध्यात्मिक चेतना से जोड़ने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि श्राद्ध पक्ष में भागवत कथा का आयोजन पितरों की शांति और परिवार के मंगल की भावना से किया जा रहा है। ऐसे आयोजन समाज में धर्म, सेवा और संस्कारों की भावना को मजबूत करते हैं।
पूर्णा बोहरा ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं मानव जीवन को प्रेम, धर्म और कर्तव्य का संदेश देती हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में कथा में पहुंचकर कथा श्रवण करने तथा धार्मिक आयोजन का लाभ लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कथा श्रवण से मन को शांति और जीवन को सकारात्मक दिशा मिलती है।
आयोजकों ने बताया कि कथा 26 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 2:15 बजे से शाम 5:15 बजे तक इच्छापूर्ण काला भैरवनाथ मंदिर, ईश्वर बाग, फलोदी में आयोजित की जा रही है। कथा का समापन 2 अक्टूबर को शाम 4:15 बजे पूर्ण आरती के साथ होगा।
इससे पूर्व 26 सितंबर को दोपहर 12:15 बजे श्री सत्यनारायण जी मंदिर से कथा स्थल तक भव्य कलश यात्रा निकाली गई थी। आयोजन में मंडल, मानस मंडल एवं समस्त भक्तजन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु सहभागिता कर रहे हैं।
आयोजन को सफल बनाने में नवरतन दवे, जगदीश जी बोहरा, श्यामलाल जी माली, वंशीलाल पुरोहित, पूर्णा बोहरा, अशोक जी थानवी, ओम जी रंगा सहित अन्य भक्तजन सक्रिय रूप से जुटे हुए हैंl
श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, पितरों की शांति और विश्वकल्याण के लिए चल रहा विराट आयोजन













