भारतीय जागरुकता समिति ने आयोजित की ‘एक शाम शहीदों के नाम

किसी ने अपनी अस्मत खोई, किसी ने खोई जीविका…

हरिद्वार(कमल शर्मा)15.08.2026 भारत के 80 में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भारतीय जागरूकता समिति की ओर से देश और उसके वीर सपूतों के प्रति अपने श्रद्धा एवं कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए श्री राम नगर (ज्वालापुर) स्थित इंद्रजीत भवन में ‘एक शाम शहीदों‌ के नाम’ काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया।‌ देर शाम तक चली इस गोष्ठी में आमंत्रित लोकप्रिय कवियों‌ ने भारत और उसके वीर शहीदों को देशभक्ति से सराबोर विभिन्न रंगों से रंगे काव्य सुमन अर्पित किये।


      काव्य गोष्ठी का शुभारम्भ कवियित्री कंचन प्रभा गौतम‌ की वाणी वंदना ‘शारदे, शारदे, शारदे माँ, तू आकर मुझे तार दे’ के साथ हुआ। इसके बाद सभी कवियों ने अपने-अपनी विधाओं में देशभक्ति के जोशपूर्ण रंग बिखेर कर श्रोताओं की जोरदार तालियाँ बटोरी। कार्यक्रम का कुशल संचालन‌ कर रहे ‘चेतना पथ’ के संपादक अरुण कुमार पाठक ने देश की आज़ादी के समय फैली विभाजन की विभीषिका को ‘किसी ने अपनी अस्मत खोई, किसी ने खोई जीविका, लुटे-पिटे, जले-फुंके घर, विभाजन की थी विभीषिका’ के साथ बड़े मार्मिक अंदाज़ में प्रस्तुत किया।
      जोश के कवि अरविन्द दुबे ने ‘प्राणों का बलिदान दिया वीरों ने जान गंवा दी, खड्ग-ढाल बिन कब संभव थी भारत की आज़ादी’, युवा कवियित्री वृन्दा ‘वाणी’ ने धर्म भिन्न-भिन्न पर पहचान तो एक है, संविधान एक मेरा राष्ट्रगान एक है’ अमित कुमार ‘मीत’ ने ‘मान-सम्मान सब टिका है इसी पर, वार कब होगा तलवार खींचकर’ तथा देवेन्द्र मिश्र ने ‘खिले चमन में खुले गगन में ख़ुशियों संग हर घर आँगन में लहर-लहर लहरे, तिरंगा फहर फहर फहरे’के साथ राष्ट्रप्रेम के रंग बिखेरे।
      डाॅ० प्रशांत कौशिक ने “घर हमारा है ये अपना और कोई डेरा नहीं’, डाॅ० सुशील कुमार त्यागी ‘अमित’ ने ‘भारत की गरिमा को हम, आँच नहीं आने देंगे’, डाॅ० मीरा भारद्वाज ने ‘तिरंगा साथ है अपने, घड़ी कितनी सुहानी है’, कंचन प्रभा गौतम ने ‘मेरे देश की मिट्टी चंदन है नित-नित करती वंदन मैं’, राजकुमारी राजेश्वरी ने ‘ना भारत भूमि हो खाली, कभी वीरों-लड़ाकों से’, गीतकार सुभाष मलिक ने ‘अपने खून से सींच-सींच कर, हमने किया आवाज चमन, रहे शिखर पर सदा चमकता अपना ज़िदाबाद वतन’ तथा वरिष्ठ कवि कुंअर पाल सिंह ‘धवल’ ने ‘भारत की जो जय बोल रहे, उनको मेरा भी वंदन है’ सुनाकर खूब वाहवाही लूटी।
      शिक्षाविद् डाॅ० विजयेन्द्र पालीवाल ने घर के साथ ही अपने गली-मुहल्ले व नगर को साफ रखने, माँ गंगा को स्वच्छ रखने, पढ़ाई, सेवाओं तथा व्यवसाय में ईमानदारी बरतते हुए देशहित को आगे रखने तथा योगी रजनीश ने कवि और साहित्यकारों से समाज व राष्ट्रहित में सार्थक व समाजोपयोगी लेखन का आह्वान करते हुए देशभक्ति का परिचय देने का आग्रह किया। भारतीय जागरुकता समिति के संस्थापक अध्यक्ष अधिवक्ता ललित मिगलानी ने संस्था का परिचय तथा उसके कार्यकलापों का विवरण रखते हुए सभी कवियों व श्रोताओं का आभार व धन्यवाद व्यक्त किया।
      
      

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *