ध्रुव की अटूट भक्ति और भीष्म की परम श्रद्धा के प्रसंगों से भावविभोर हुए श्रद्धालु
हरिद्वार (कमल शर्मा)। भूपतवाला मार्ग स्थित श्री कमल दास कुटिया ट्रस्ट में आयोजित सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन कथा व्यास श्री शिव प्रकाश शास्त्री ने श्रीमद्भागवत के पावन प्रसंगों का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन करते हुए शुकदेव आगमन, भीष्म स्तुति एवं ध्रुव चरित्र की कथा सुनाई। कथा के दौरान भगवान के प्रति अटूट श्रद्धा, भक्ति और समर्पण का संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि सच्चे मन से की गई भक्ति कभी व्यर्थ नहीं जाती। ध्रुव की कठोर तपस्या और भगवान की कृपा का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे, वहीं भीष्म पितामह की भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अनन्य भक्ति का वर्णन सुन वातावरण भक्तिमय हो गया।

कथा के आयोजक एवं महंत श्री ओम प्रकाश शास्त्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को धर्म, भक्ति और सदाचार का मार्ग दिखाने वाला दिव्य प्रकाश है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कथा श्रवण के साथ उसके आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
कथा व्यास श्री शिव प्रकाश शास्त्री ने कहा कि ध्रुव चरित्र हमें विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य, संकल्प और ईश्वर पर अटूट विश्वास बनाए रखने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि भगवान अपने सच्चे भक्तों की पुकार अवश्य सुनते हैं और उनकी भक्ति का प्रतिफल अवश्य प्रदान करते हैं।
आश्रम ट्रस्टी अजय गौतम ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा समाज में आध्यात्मिक चेतना जागृत करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने बताया कि कथा के माध्यम से सनातन संस्कृति और भारतीय जीवन मूल्यों का संरक्षण एवं संवर्धन हो रहा है तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन कथा श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
इस अवसर पर आश्रम परिसर में भजन-कीर्तन, पुष्प वर्षा और जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने आरती में सहभागिता कर प्रसाद ग्रहण किया। बड़ी संख्या में संत-महात्मा, श्रद्धालु एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।









