हरिद्वार (कमल शर्मा)। धर्मनगरी हरिद्वार में ब्राह्मण समाज की एकता और संगठन शक्ति का ऐतिहासिक परिचय उस समय देखने को मिला, जब विभिन्न ब्राह्मण संगठनों ने समाज हित, सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण तथा सनातन परंपराओं के संवर्धन के उद्देश्य से एक साझा मंच के गठन का संकल्प लिया। एसएम जैन डिग्री कॉलेज, हरिद्वार में आयोजित भव्य सम्मेलन में लगभग 30 ब्राह्मण संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लेते हुए सर्वसम्मति से संयुक्त मोर्चा बनाने का निर्णय लिया।

सम्मेलन का आयोजन अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रवींद्र पुरी जी महाराज के सानिध्य में हुआ। इस अवसर पर आनंद पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद महाराज की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान की।
अपने संबोधन में श्रीमहंत रवींद्र पुरी जी महाराज ने कहा कि समाज की शक्ति उसकी एकता में निहित होती है। उन्होंने सभी संगठनों से समाज, संस्कृति और सनातन धर्म की रक्षा के लिए समन्वय के साथ कार्य करने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में ब्राह्मण समाज को आपसी मतभेद भुलाकर राष्ट्र, समाज और धर्म के व्यापक हित में संगठित होकर आगे बढ़ना चाहिए।

सम्मेलन में उपस्थित प्रतिनिधियों ने समाज की एकता, सेवा, संस्कार और सनातन धर्म के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में श्री अशोक पांडे, बालकृष्ण शास्त्री, श्री बी. डी. शर्मा, श्री अधीर कौशिक सहित ब्राह्मण समाज की अनेक प्रतिष्ठित विभूतियां, विद्वान, समाजसेवी, विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन समाज की एकजुटता, संगठन और सनातन मूल्यों की रक्षा के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। उपस्थित सभी वक्ताओं ने इस पहल को ब्राह्मण समाज के इतिहास में एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम बताया।





