देहरादून(कमल शर्मा), 27 जून।
वैदिक इंटरनेशनल प्रमोटर्स सोसाइटी (VIP Society) द्वारा नगर निगम टाउन हॉल, देहरादून में आयोजित “उत्तराखंड एक्सीलेंस अवार्ड 2026” समारोह में शिक्षा, समाज सेवा, संस्कृति एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया।
समारोह के मुख्य अतिथियों एवं विशिष्ट अतिथियों में कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल, श्री खजानदास जी, श्रीमती सविता कपूर जी, श्री सिद्धार्थ अग्रवाल जी तथा श्री सौरभ थपलियाल जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी अतिथियों ने समाज हित में कार्य कर रहे व्यक्तियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें सम्मानित किया।
इस अवसर पर ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी की एसोसिएट प्रोफेसर एवं रघुकुल आर्यावर्त की उपाध्यक्ष (Vice President) डॉ. अनुभा पुंडीर को झोला अभियान (सिंगल यूज़ प्लास्टिक मुक्त भारत अभियान) तथा डांस थेरेपी के क्षेत्र में उनके अभिनव एवं उल्लेखनीय योगदान के लिए उत्तराखंड एक्सीलेंस अवार्ड 2026 से सम्मानित किया गया।

डॉ. अनुभा पुंडीर वर्ष 2012 से कपड़े के झोले के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का जन-जागरण अभियान चला रही हैं। उनका उद्देश्य केवल सिंगल यूज़ प्लास्टिक का विरोध करना नहीं, बल्कि लोगों को भारतीय जीवनशैली और प्रकृति संरक्षण से जोड़ना है। उन्होंने विद्यालयों, विश्वविद्यालयों, सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थानों तथा विभिन्न सामाजिक मंचों पर हजारों लोगों को कपड़े का झोला अपनाने के लिए प्रेरित किया है।

डॉ. पुंडीर एक शिक्षाविद्, शोधकर्ता, भरतनाट्यम कलाकार, योग साधिका एवं पर्यावरण संरक्षण की सक्रिय कार्यकर्ता हैं। उन्होंने डांस थेरेपी के माध्यम से भारतीय शास्त्रीय नृत्य, योग और भारतीय ज्ञान परंपरा को स्वास्थ्य एवं मानसिक संतुलन से जोड़ने का अभिनव प्रयास किया है।
समारोह का विशेष आकर्षण डॉ. अनुभा पुंडीर की ब्रज के भक्ति गीतों पर आधारित भरतनाट्यम प्रस्तुति रही। राधा-कृष्ण की दिव्य लीलाओं एवं ब्रज संस्कृति को अभिव्यक्त करती उनकी मनमोहक प्रस्तुति ने उपस्थित अतिथियों और दर्शकों का मन मोह लिया तथा उन्हें भरपूर सराहना प्राप्त हुई।
सम्मान ग्रहण करते हुए डॉ. अनुभा पुंडीर ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि उन सभी लोगों का है जो पर्यावरण संरक्षण, भारतीय संस्कृति और समाज सेवा के लिए निस्वार्थ भाव से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से सिंगल यूज़ प्लास्टिक का त्याग कर कपड़े के झोले को अपनाने का आह्वान किया।
समारोह का समापन समाज, संस्कृति और पर्यावरण के प्रति समर्पित व्यक्तित्वों को सम्मानित करने तथा उत्तराखंड को प्रेरणादायी एवं सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ हुआ।





