हरिद्वार। आगामी कुंभ मेला-2027 को लेकर संत समाज की ओर से तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में अखिल भारतीय संत आश्रम परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानन्द गिरी एवं राष्ट्रीय महामंत्री तीर्थाचार्य संत राम विशाल दास के नेतृत्व में कुंभ मेलाधिकारी को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर आश्रमों एवं संत समाज के लिए विशेष सुविधाएं और रियायतें प्रदान करने की मांग की गई।
ज्ञापन में कहा गया कि हरिद्वार की पहचान केवल मां गंगा से ही नहीं, बल्कि यहां स्थित हजारों प्राचीन आश्रमों, मठों और संत परंपराओं से भी है। कुंभ के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन, चिकित्सा, सत्संग और धार्मिक गतिविधियों का बड़ा दायित्व आश्रमों पर होता है, इसलिए इन्हें “तीर्थ यात्री सेवा केन्द्र” का दर्जा देकर विशेष सुविधाएं प्रदान की जानी चाहिए।
संत आश्रम परिषद ने मांग की कि कुंभ अवधि में आश्रमों पर लगने वाले वाणिज्यिक करों को समाप्त किया जाए, बिजली बिलों में 70 प्रतिशत तक की छूट दी जाए, रंग-रोगन और सौंदर्यीकरण का खर्च कुंभ बजट से वहन किया जाए तथा यात्री सेवा के लिए राशन सामग्री निःशुल्क उपलब्ध कराई जाए। इसके अलावा अतिरिक्त जल कनेक्शन, सड़क, सफाई, स्ट्रीट लाइट, पार्किंग, वाहन पास, स्वास्थ्य शिविर, एम्बुलेंस, सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी, गैस सिलेंडर और एकल खिड़की प्रणाली के माध्यम से सभी अनुमतियां प्रदान करने की भी मांग उठाई गई।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि गौशाला संचालित आश्रमों को चारा एवं पशु चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा कुंभ मेला प्रशासन सभी आश्रमों की सूची, लोकेशन और सेवाओं का डिजिटल प्रचार-प्रसार करे, ताकि श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके।
महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानन्द गिरी ने कहा कि “कुंभ केवल प्रशासनिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति का विश्वव्यापी आध्यात्मिक महापर्व है। आश्रम और संत समाज इस महापर्व की आत्मा हैं। आश्रमों को सशक्त करना करोड़ों श्रद्धालुओं की सेवा व्यवस्था को मजबूत करना है।”
वहीं तीर्थाचार्य संत राम विशाल दास ने कहा कि संत समाज और आश्रमों को कुंभ मेला-2027 की विभिन्न समितियों एवं परामर्श मंडलों में उचित प्रतिनिधित्व दिया जाना चाहिए, जिससे व्यवस्थाओं के संचालन में संत समाज की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित हो सके।
संत आश्रम परिषद ने आशा व्यक्त की कि कुंभ मेला प्रशासन संत समाज की मांगों पर सकारात्मक विचार करते हुए आवश्यक कार्यवाही करेगा, जिससे विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक आयोजन में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
कुंभ-2027 में आश्रमों को मिले विशेष दर्जा, संत आश्रम परिषद ने मेलाधिकारी को सौंपा 20 सूत्रीय मांगपत्र




