हरिद्वार में किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा का राष्ट्रीय अधिवेशन सम्पन्न, राष्ट्रपति के नाम भेजा गया ज्ञापन


किसान-मजदूरों की आवाज़ बुलंद, अधिकारों की लड़ाई होगी और तेज़ : डॉ. विकास प्रधान

हरिद्वार(कमल शर्मा)14 जून। किसान-मजदूरों की समस्याओं और उनके अधिकारों की लड़ाई को नई दिशा देने के उद्देश्य से किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा द्वारा हरिद्वार स्थित चौधरी चरण सिंह वीआईपी घाट पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन एवं चिंतन शिविर का रविवार को सफल समापन हो गया। देशभर से पहुंचे राष्ट्रीय, प्रदेश, जिला, तहसील एवं ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने किसान एवं मजदूर वर्ग से जुड़े विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर विस्तृत मंथन किया।


मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विकास प्रधान ने कहा कि देश का किसान बढ़ती लागत, कर्ज़ और फसलों के उचित मूल्य जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है, जबकि मजदूर वर्ग रोजगार, न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा के लिए संघर्षरत है। उन्होंने कहा कि किसान-मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए संगठन का संघर्ष लगातार जारी रहेगा और सरकार को उनकी समस्याओं के समाधान हेतु ठोस कदम उठाने होंगे।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आलोक नागर ने कहा कि किसान और मजदूर देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। यदि इन वर्गों को न्याय नहीं मिला तो विकास की अवधारणा अधूरी रहेगी। उन्होंने सरकार से किसानों की आय बढ़ाने और श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्ष आयुषी सिंधु तेवतिया ने कहा कि किसान और मजदूर परिवारों की महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। सरकार को महिला किसानों और श्रमिक महिलाओं के लिए विशेष योजनाएं लागू करनी चाहिए, जिससे उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति सुदृढ़ हो सके।
राष्ट्रीय संयोजक विजय तालान ने कहा कि किसान-मजदूर एकता ही देश के विकास की सबसे बड़ी ताकत है। संगठन गांव-गांव जाकर किसानों और मजदूरों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करेगा तथा जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाएगा।
राष्ट्रीय प्रवक्ता बृजेश भाटी ने बताया कि अधिवेशन के दौरान किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य, कृषि लागत में कमी, सिंचाई एवं बिजली की बेहतर व्यवस्था, आवारा पशुओं की समस्या के समाधान तथा मजदूरों को सम्मानजनक वेतन, सामाजिक सुरक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई।
राष्ट्रीय संगठन मंत्री संजय कसाना ने कहा कि संगठन लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक दायरे में रहकर किसान-मजदूर हितों की लड़ाई को और मजबूती देगा तथा जनसमस्याओं के समाधान तक संघर्ष जारी रहेगा।
अधिवेशन के समापन पर देश के किसान एवं मजदूर वर्ग की समस्याओं और उनके समाधान संबंधी मांगों को लेकर राष्ट्रपति महोदया के नाम ज्ञापन तैयार कर उप जिलाधिकारी (एसडीएम) के माध्यम से प्रेषित किया गया। ज्ञापन में किसानों को लाभकारी मूल्य, कृषि लागत में कमी, श्रमिकों के लिए सम्मानजनक वेतन, सामाजिक सुरक्षा तथा रोजगार के बेहतर अवसर सुनिश्चित करने की मांग प्रमुख रूप से शामिल रही।
इस अवसर पर राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष लोकेश भाटी, नरेंद्र भाटी, रविंद्र प्रधान, सोलर प्रधान, अमित बंसल, अंजुम पठान, विनोद मलिक सहित विभिन्न राज्यों, प्रदेशों एवं जिलों के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
अंत में संगठन ने सभी आगंतुकों, पदाधिकारियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए अधिवेशन को किसान-मजदूर एकता और संघर्ष को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक आयोजन बताया।
जय जवान – जय किसान
किसान-मजदूर एकता जिंदाबाद

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