पत्रकार से कथित अभद्रता पर पत्रकार सुरक्षा समिति का विरोध, सीएमओ से पत्रकार प्रवचन सिंह प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग

पत्रकारों के सम्मान से समझौता नहीं: अनुपम खत्री, दून अस्पताल प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

देहरादून(कमल शर्मा) अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति (उत्तराखंड) के प्रतिनिधिमंडल ने पत्रकार प्रवचन सिंह के साथ दून मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय में कथित अभद्र व्यवहार के मामले को गंभीरता से उठाते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमएस) डॉ. मनोज शर्मा को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच एवं आवश्यक कार्रवाई की मांग की।
समिति के प्रदेश अध्यक्ष अनुपम खत्री के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में संगठन सचिव सुनील राज, विनोद बिष्ट, सोनू, ललित श्रीवास्तव तथा पीड़ित पत्रकार प्रवचन सिंह शामिल रहे। इस दौरान सीएमएस डॉ. मनोज शर्मा एवं डिप्टी सीएमओ डॉ. दिनेश के साथ मामले को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
पत्रकार प्रवचन सिंह द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार, 1 जून 2026 को अपने पिता के उपचार के लिए दून अस्पताल पहुंचने पर छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुराग अग्रवाल द्वारा उनके साथ कथित रूप से अभद्र एवं अपमानजनक व्यवहार किया गया। शिकायत में कहा गया है कि इस घटना से उन्हें और उनके परिजनों को मानसिक आघात पहुंचा। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
प्रतिनिधिमंडल ने अस्पताल प्रशासन को अवगत कराया कि मरीजों एवं उनके परिजनों के साथ असम्मानजनक व्यवहार की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं। ऐसी परिस्थितियों में अस्पताल प्रशासन की जिम्मेदारी है कि प्रत्येक मरीज और उसके परिजनों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी शिकायत की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
प्रदेश अध्यक्ष अनुपम खत्री ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का सशक्त स्तंभ हैं और जनहित के मुद्दों को जनता तक पहुंचाने के लिए दिन-रात कार्य करते हैं। ऐसे में जब कोई पत्रकार स्वयं अथवा अपने परिजनों के उपचार के लिए अस्पताल पहुंचता है, तो अनावश्यक देरी और अव्यवस्था उसके सामाजिक दायित्वों को प्रभावित करती है। उन्होंने सुझाव दिया कि पत्रकारों के कार्य की प्रकृति को देखते हुए अस्पतालों में उनके मरीजों के लिए प्राथमिकता आधारित परामर्श एवं उपचार व्यवस्था पर विचार किया जाना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि पत्रकारों के साथ किसी भी चिकित्सक, कर्मचारी अथवा मेडिकल स्टाफ द्वारा किया गया अभद्र व्यवहार, अपमानजनक टिप्पणी या अनावश्यक उत्पीड़न किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा। पत्रकारों की गरिमा और सम्मान की रक्षा करना सभी संस्थाओं की सामूहिक जिम्मेदारी है।
समिति ने मांग की कि मामले से संबंधित सीसीटीवी फुटेज एवं अन्य अभिलेखों को सुरक्षित रखते हुए निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, जिससे सत्य सामने आ सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। साथ ही शिकायत की प्रतिलिपियां संबंधित विभागों एवं अधिकारियों को भी प्रेषित की जा रही हैं ताकि पूरे मामले की पारदर्शी निगरानी सुनिश्चित की जा सके।

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